मऊ। शासन के फरमान पर जिले के परिषदीय तथा माध्यमिक विद्यालय एक जुलाई यानि बृहस्पतिवार से खुलेंगे। इसमें पठन-पाठन का काम विद्यालय में नहीं होगा, लेकिन अध्यापकों की उपस्थिति अनिवार्य होगी। अध्यापक बच्चों के पहुंचने से पहले स्कूलों की व्यवस्था को सुव्यवस्थित कराएंगे। साथ ही आनलाइन कक्षाएं संचालित करेंगे। इसके साथ ही डोर-टू-डोर जाकर बच्चों को पढ़ाई करने के लिए प्रेरित करने के साथ नामांकन बढ़ाने के लिए अभिभावकों से संपर्क करेंगे।
जिले में 67 सहायता प्राप्त, 14 राजकीय माध्यमिक विद्यालय सहित 436 मान्यता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में लगभग दो लाख छात्र छात्राएं अध्ययनरत हैं। इसके साथ ही जिले में 1060 प्राथमिक तथा 442 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 1.56 लाख बच्चे अध्ययनरत हैं। कोरोना संक्रमण के चलते बंद चल रहे परिषदीय तथा माध्यमिक स्कूल एक जुलाई से खुलेंगे। शिक्षक स्कूलों में जाकर बच्चों की ड्रेस, किताब सहित प्रशासनिक कार्य देखेंगे। स्कूलों में अभी बच्चों को बुलाने के आदेश नहीं दिए गए हैं। लेकिन शासन का आदेश मिलने के बाद विभाग ने जिले के स्कूलों, कॉलेजों को खोलने की तैयारी लगभग पूर कर ली है।
कई विद्यालयों में अभी साफ सफाई तथा सैनिटाइजेशन नहीं कराया जा सका है। बृहस्पतिवार से शिक्षक विद्यालय जाकर विद्यालय में साफ सफाई कराने के साथ ही प्रशासनिक कार्य करेंगे। साथ ही आनलाइन कक्षाएं चलाएंगे। नामांकन बढ़ाने के लिए शिक्षक कोविड गाइडलाइन का अनुपालन करते हुए डोर-टू-डोर जाकर बच्चे का विद्यालय में नामांकन कराने के लिए अभिभावकों को प्रेरित करेंगे।
इस बाबत जिला विद्यालय निरीक्षक राजेंद्र प्रसाद का कहना है कि एक जुुलाई से माध्यमिक तथा परिषदीय विद्यालय एक जुलाई से खुलेंगे। शिक्षक विद्यालय जाकर प्रशासनिक कार्य करने के साथ ही आनलाइन कक्षाएं संचालित करेंगे। नामांकन बढ़ाने के लिए अभिभावकों से संपर्क करेंगे। मानीटरिंग के लिए खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया गया है।