रविवार को मछली पकड़ने के विवाद को लेकर हुए संघर्ष के बाद दुबारी दलित बस्ती में दूसरे दिन भी सन्नाटा पसरा रहा। गांव में पुलिस तैनात है, कई आरोपियों की तलाश जारी है। ग्रामीण गांव छोड़कर फरार हैं।
बता दें कि रविवार को दुबारी मटियरा दलित बस्ती के लोगों ने गांव में दो पक्षों के बीच हुए विवाद के बाद एक पट्टे की पोखरी में पड़ी मछली के बंटवारे को लेकर चक्का जाम कर दिया और पुलिस पर पथराव भी कर दिया था। इसमें एक दरोगा सहित चार पुलिस कर्मी घायल हो गए।
बचाव में पुलिस ने हवाई फायरिंग की। इसमें दो किशोर भी घायल हो गए थे। पुलिस ने किसी प्रकार मामले को शांत कराया। साथ ही 20 नामजद सहित 200 अज्ञात के विरुद्ध गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था।
पुलिस ने घटना में शामिल 18 लोगों में राजकुमार, सुग्गा श्रवण, गाजर, अजय, विनोद, इंद्रदेव, रामव्रत, सुरेंद्र, विजय, श्रीराम, नन्दू, अनिल, बाबूलाल, सतीराम, धीरज को हिरासत में लेकर इनके ऊपर हत्या के प्रयास सहित कई आपराधिक मामले दर्ज कर जेल भेज दिया।
इसके अलावा घटना में शामिल अन्य 50 से 60 अज्ञात हमलावरों जिसमें महिला व पुरुष दोनों शामिल हैं की गिरफ्तारी के लिए पुलिस जगह-जगह दबिश दे रही है। पुलिस ने घायल एस आई चौकी प्रभारी दुबारी नवलकिशोर सिंह की तहरीर पर सभी के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कराया है।
घटना के दूसरे दिन फ़िलहाल गांव में शांति है, लेकिन सन्नाटा पसरा है। पुलिस की माने तो इन लोगों के पीछे कई सफेदपोश हैं, जिनके समर्थन पर हरिजन बस्ती के लोगों ने इस तरह का तांडव किया। उप जिलाधिकारी मधुबन का कहना है कि पोखरी पर उनका कोई अधिकार नहीं है।
पोखरी ग्राम समाज की है और अब तक नियमानुसार पट्टा होती है। इसी पट्टे के विवाद को सुलझाने के लिये नायब तहसीलदार और पुलिस चौकी प्रभारी नवलकिशोर सिंह मौके पर गये थे।