विधानसभा चुनाव के लिए चार विस क्षेत्रों में बसपा ने अपने प्रत्याशियों पर अंतिम मुहर लगा दी। इन्हें पहले ही घोषित किया जा चुका था। सपा के प्रत्याशी भी घोषित हो चुके हैं। जिले के चारो विधानसभा में अब मतदाताओं को भाजपा, कांग्रेस के प्रत्याशियों के नामो का इंतजार है। संभावित प्रत्याशी भी टिकट को लेकर अपनी जुगत में लगे हैं। कुल मिलाकर टिकट पर अटकलों का दौर शुरू हो गया है।
बहुजन समाज पार्टी ने काफी पहले ही जिले के चारों विधानसभा क्षेत्रों में अपने प्रत्याशी घोषित कर रखे थे। इसके तहत सदर विधानसभा क्षेत्र से पूर्व ब्लाक प्रमुख मनोज राय, घोसी से वसीम इकबाल उर्फ चुन्नू, मधुबन से विधायक उमेश पांडेय और मुहम्मदाबाद गोहना (सुरक्षित) से पूर्व विधायक राजेंद्र राम के नाम पर रविवार को अंतिम मोहर भी लग गई। रविवार को बसपा सुप्रिमो द्वारा प्रत्याशियों के नाम पर अंतिम फैसला लेने के बाद जिले में बसपा, सपा के प्रत्याशियों की तस्वीर साफ हो गई है। हालांकि सपा में हो रहे उठापटक के बाद लोग तरह-तरह की अटकले लगाने लगें हैं। हालांकि जिनके नाम की घोषणा हुई वो चुनाव के मैदान में पूरे जोश खरोश के साथ डट भी गए हैं।
भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के प्रत्याशियों की लिस्ट अभी जारी नहीं हुई है। हालांकि टिकट को लेकर दोनों पार्टियों में कार्यकर्ता जोर आजमाईश में जुटे है। इस दौरान दावेदारी करने वाले कार्यकर्ता टिकट के लिए अपने-अपने राजनीतिक आकाओं के संपर्क में हैं। टिकट के संभावित दावेदार क्षेत्र में अपना ही दावा कर रहे हैं, लेकिन लोगों को पार्टी से अधिकृत उम्मीदवारों की जारी होने वाली सूची का इंतजार है। चारों विधानसभाओं में भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों के आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा, कि किस विधान सभा सीट पर किस प्रत्याशी का पलड़ा भारी है, किसकी किससे लड़ाई होगी।
उधर बसपा के जिलाध्यक्ष राजीव का कहना है कि चारों उम्मीदवारों का टिकट घोषित कर दिया है। उनकी पार्टी प्रत्याशियों की जीत सुनिश्चित कराने के लिए पार्टी कार्यकर्ता और पदाधिकारी कटिबद्ध है और पूर जोर शोर से लगी हुई है।