पिता की डांट से क्षुब्ध होकर घर से निकल भागी
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आजमगढ़ जनपद के मुबारकपुर थाना क्षेत्र की दो किशोरियां अपने पिता की डांट से क्षुब्ध होकर एक भीख मांगने वाली महिला के हाथ लग गई।
भीख मांगने वाली महिला ने दोनों किशोरियों को सहारा तो दिया लेकिन अपने साथ उन्हें भी बुर्का पहनाकर भीख मांगने में लगा दिया।
कोपागंज में भीख मांगते हुए जब ग्रामीणों को शक हुआ तो उन्होंने दो किशोरियों से उनके बारे में जाना तो वह रोने लगी।
ग्रामीणों की मदद से मौके पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को सूचित किया।
किशोरियों को उनके परिजनों को पुलिस ने हलफनामा के साथ सुपुर्द कर दिया।
आजमगढ़ जनपद के मुबारकपुर थाने के एक गांव की दो किशोरियों को उनके पिता ने 6 जनवरी शुक्रवार को किसी बात को लेकर डांट दिया।
डांट से क्षुब्ध दोनों किशोरियां बिना टिकट वाराणसी जाने वाली एक ट्रेन पर सवार हो गई।
गाजीपुर जनपद के सादात स्टेशन पहुंची इनकी मुलाकात भीख मांगने वाली एक महिला से हो गई।
महिला ने उन्हें रोते देखा तो वह उन्हें अपने घर लाई। अगले दिन से वह उन्हें बुर्का पहनाकर अपने साथ ले ली और उनके साथ भीख मांगने लगी।
रविवार को वह कोपागंज में भीख मांग रही थी कि इसी दौरान कुछ महिलाओं ने दोनों किशोरियों से भीख मांगने का कारण पूछा तो दोनों किशोरियां रोने लगी।
पुलिस अधीक्षक मुनिराज का कहना है कि दोनो किशोरियों को उनके परिजनों को बुलाकर हलफनामा के साथ सुपुर्द किया गया है। महिला भीख मांगने वाली थी लेकिन उसने उन्हें अपने पास किसी जोर जबरदस्ती से नहीं रखा गया था।
दोनो किशोरियों एवं परिजनों के बयान के आधार पर ही उसे भी छोड़ दिया गया।