मऊ जिले की मुहम्मदाबाद गोहना तहसील में शनिवार को अधिवक्ता और एसडीएम के बीच कहासुनी के बाद मारपीट हो गई। घटना के बाद अधिवक्ताओं ने एसडीएम के खिलाफ नारेबाजी की। उनके खिलाफ थाने में तहरीर दी। वहीं एसडीएम ने कहा कि मारपीट नहीं, कहासुनी हुई थी।
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बरईपुर मोहल्ला निवासी रामसिंह की शांतिभंग की धारा में जमानत खारिज कर बृहस्पतिवार को एसडीएम ने जेल भेज दिया था। रामसिंह की जमानत के लिए शनिवार को उसकी पत्नी एसडीएम चेंबर में अधिवक्ता अर्शे आलम के साथ गई थी। महिला ने बताया कि जमानत के नाम पर अधिवक्ता ने उससे सात हजार रुपये लिए हैं। इस पर एसडीएम ने अधिवक्ता से महिला के गरीब होने का हवाला देते हुए ली गई रकम वापस करने को कहा। इसी बात को लेकर एसडीएम और अधिवक्ता के बीच कहासुनी हो गई।
अधिवक्ता अर्शे आलम ने कहा कि एसडीएम आशुतोष राय ने उनकी पिटाई की। होमगार्डों को बुलाकर डंडे से भी मारा। जानकारी होने पर क्षेत्राधिकारी राजकुमार सिंह और कोतवाल नीरज पाठक पुलिसकर्मियों के साथ पहुंचे और जानकारी ली। एसडीएम आशुतोष राय ने कहा कि एक गरीब महिला से उनके नाम पर अधिवक्ता ने पैसा ले लिया। जानकारी के लिए जब अधिवक्ता को चेंबर में बुलाया तो टी शर्ट और लोअर पहने आए एक व्यक्ति ने उनके साथ अमर्यादित आचरण किया। उसे धक्का देकर बाहर निकलवाया गया। उसके अधिवक्ता होने की जानकारी नहीं थी।
तहसील बार संघ के अध्यक्ष खालिद जमाल ने कहा कि एसडीएम का यह कृत्य बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष व मंत्री को घटना की जानकारी दी गई है। अगली कार्रवाई के लिए सोमवार को बैठक की जाएगी।