दोहरीघाट कस्बा स्थित सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है, जिससे तटवर्ती क्षेत्र के लोगों की धड़कनें तेज हो गई हैं। 24 घंटे में नदी के जलस्तर में पांच सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। नदी के रुख से मुक्तिधाम सहित ऐतिहासिक धरोहरों पर खतरा मंडराने लगा है।
पहाड़ों और मैदानी इलाकों में बारिश होने से सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण तटवर्ती इलाकों के लोगों को नदी के कहर बरपाने की चिंता सताने लगी है। सोमवार को नदी के जलस्तर में पांच सेमी की वृद्धि दर्ज की गई।
नदी का जलस्तर 67.65 मीटर रहा। रविवार को नदी का जलस्तर 67.60 मीटर रहा। जबकि गौरीशंकर घाट पर खतरा बिंदु 69.90 मीटर है। नदी के जलस्तर में बढ़ाव के कारण नगर स्थित दुर्गा मंदिर, शाही मस्जिद, लोक निर्माण विभाग का डाक बंगला, खाकी बाबा की कुटी, डीह बाबा का मंदिर, हनुमान मंदिर आदि का अस्तित्व खतरे में है।
वहीं नदी के तटवर्ती इलाकों के गांवों धनौली रामपुर, नई बाजार, नवली, चिऊंटीडांड़, बहादुरपुर, बीबीपुर, गौरीडीह, बेलौली, ताहिरपुर, जमीरा, चौराडीह, जमीरा चौराडीह गांवों में भी बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
नदी की लहरें मुक्तिधाम से टकरा रही हैं। नदी में तेजी से बढ़ रहे जलस्तर से तटवर्ती इलाकों के किसान धान की रोपाई कराने को लेकर उहापोह में पड़े हैं।