दोहरीघाट। स्थानीय कस्बा स्थित सरयू नदी के जलस्तर लगातार 48 घंटे से जलस्तर स्थिर है, इसके बावजूद खतरा बरकरार है। नदी खतरे निशान से 60 सेमी ऊपर बह रही थी। कस्बे के मल्लाहटोला में अभी भी 50 मीटर पानी जमा है। नदी में बैकरोलिंग होने से ऐतिहासिक धरोहरों के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है। तटवर्ती इलाकों की हजारों एकड़ फसल जलमग्न होने से किसानों को फसल नष्ट होने की चिंता सताने लगी है।
सरयू नदी का जलस्तर लगातार 48 घंटे से स्थिर होने के बाद भी तटवर्ती इलाके लोगों को नदी के कहर बरपाने की चिंता सताने लगी है। नदी रामजानकी घाट से खाकी बाबा की कुटी तक बैंकरोलिंग होने से कटान का खतरा बढ़ गया है। भारत माता मंदिर से लेकर धनौली रामपुर, गांव की सुरक्षा के लिए रखे बोल्डरों पर पानी का दबाव बढ़ता जा रहा है, इसके चलते नगर की ऐतिहासिक धरोहरों मुक्तिधाम, भारत माता मंदिर, खाकी बाबा की कुटी, जानकी घाट, लोक निर्माण विभाग का डाक बंगला, डीह बाबा का मंदिर, शाही मस्जिद, हनुमान मंदिर का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है।
नदी के तटवर्ती इलाके धनौली रामपुर, नई बाजार, नौली, चिउटीडॉड़, रामनगर, बहादुरपुर, पतनई, सरया, गोधनी, ठाकुरगाव, बीबीपुर, सड़ासो, जमीरा चौराडीह, पाऊस, कोरौली,बेलौली,महुआबारी, रसूलपुर, सूरजपुर सहित हजारों एकड़ फसल जलमग्न है, इससे पशुओ के लिए चारे की समस्या पैदा हो गई है। शुक्रवारको गौरीशंकर घाट पर नदी का जलस्तर 70.50मीटर रहा। बृहस्पतिवार को 70.50 मीटर रिकार्ड किया गया। नदी खतरा निशान 69.90 से 50 सेमी ऊपर बह रही थी।