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Mau News: दो सप्ताह में में दूसरी बार खतरे के निशान से पांच सेंटीमीटर ऊपर पहुंची सरयू

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मधुबन के दुबारी देवारा में बढ़ा सरयू नदी का जलस्तर।संवाद
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दोहरीघाट। सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। पिछले 24 घंटे में नदी का जलस्तर 15 सेंटीमीटर बढ़कर खतरे के निशान से पांच सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। बृहस्पतिवार को गौरीशंकर घाट पर जलस्तर 69.95 मीटर दर्ज किया गया, जबकि बुधवार को यह 69.80 मीटर था। नदी का खतरा बिंदु 69.90 मीटर निर्धारित है। पिछले 72 घंटे में जलस्तर 30 सेंटीमीटर बढ़ा है। बीते 15 दिनों में यह दूसरी बार है, जब सरयू ने खतरे के निशान को पार किया है।
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जलस्तर में इसी तरह वृद्धि जारी रही तो दोहरीघाट नगर पंचायत के मल्लाह टोला, दलित बस्ती और भगवानपुरा में पानी घुसने की आशंका है। वहीं मधुबन के देवाराचंल क्षेत्र के धर्मपुर विशुनपुर के कई पुरवों में भी दोबारा बाढ़ का पानी पहुंचने का खतरा बढ़ गया है। इससे नदी किनारे बसे लोगों की चिंता बढ़ गई है।
नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ ही जानकी घाट और रामजानकी घाट के पास सुरक्षा के लिए रखे बोल्डर पानी में नीचे बैठ गए हैं। रामजानकी घाट के पास बोल्डरों के नीचे कटान होने की बात सामने आई है। सरयू भारत माता मंदिर और खाकी बाबा की कुटी के पास लगातार टक्कर मार रही है। जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने के बाद मुक्तिधाम, भारत माता मंदिर, खाकी बाबा की कुटी और दुर्गा मंदिर समेत कई ऐतिहासिक व धार्मिक स्थलों पर भी संकट बढ़ गया है। लोक निर्माण विभाग का डाक बंगला, डीह बाबा मंदिर, शाही मस्जिद और हनुमान मंदिर भी नदी के बढ़ते जलस्तर की जद में बताए जा रहे हैं।
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सिंचाई विभाग के अवर अभियंता प्रिंस कुमार ने कहा कि नगर की सुरक्षा हर हाल में सुनिश्चित की जाएगी। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और कोई बड़ा खतरा नहीं है। रामजानकी घाट पर कटान रोकने के लिए आवश्यक उपाय किए जा रहे हैं।


हाहा नाला रेगुलेटर पर 14 सेंटीमीटर बढ़ा जलस्तर
दुबारी। बारिश और नेपाल की ओर से पानी छोड़े जाने के बाद सरयू नदी का जलस्तर एक बार फिर बढ़ने लगा है। बृहस्पतिवार सुबह हाहा नाला रेगुलेटर पर नदी का जलस्तर 65.38 मीटर दर्ज किया गया, जो बुधवार के मुकाबले 14 सेंटीमीटर अधिक है। हालांकि नदी अभी खतरा बिंदु 66.31 मीटर से करीब एक मीटर नीचे है।
निचले इलाकों में बाढ़ का पानी पहुंचने से किसानों और पशुपालकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। किसानों को फसलों की चिंता सता रही है, जबकि पशुपालकों के सामने पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था चुनौती बन गई है। अवर अभियंता मोहम्मद इमरान ने बताया कि पानी बढ़ने की रफ्तार फिलहाल धीमी है। मधुबन के एसडीएम दीपक सिंह ने कहा कि प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। उन्होंने ग्रामीणों से घबराने के बजाय सतर्क रहने की अपील की।
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