मऊ बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से परिषदीय, सहायता प्राप्त तथा माध्यमिक स्कूलों में मध्याह्न भोजन योजना को कोरोना मुक्त रखने की तैयारी अंतिम दौर मेें चल रही है। कोरोना की तीसरी लहर का असर बच्चों पर पड़ने की आशंका जताई गई है। अब जब स्कूल खुलेगा तो रसोइयों को एप्रेन, ग्लब्स, हैट मिलेगा। इसके साथ ही कोरोना से बचाव के लिए बच्चों को सैनिटाइजर तथा साबुन दिया जाएगा। जिले परिषदीय, सहायता प्राप्त विद्यालय, माध्यमिक विद्यालय सहित के लगभग 1461 विद्यालयों में मध्याह्न भोजन योजना संचालित हैं। विद्यालयों में लगभग 2.15 लाख बच्चे योजना से आच्छादित हैं। कोरोना संक्रमण के चलते विद्यालय बंद चल रहे हैं। बच्चों के अभिभावकों के खाते में कनवर्जन कास्ट भेजने के साथ ही खाद्यान्न दिया जा रहा है।
परिषदीय एवं माध्यमिक स्कूलों में चलाई जा रही मध्याहन भोजन योजना को कोरोना मुक्त रखने की तैयारी लगभग पूरी कर ली गई है। कोरोना की तीसरी लहर का असर बच्चों पर पड़ने की आशंका जताई गई है। ऐसे में स्कूलों के बच्चों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण हो गई है। इस दिशा में आगे बढ़ते हुए शासन ने एमडीएम को कोरोना मुक्त रखने को पूरी तैयारी कर ली है। अब जब स्कूल खुलेगा तो स्कूलों में काम करने वाली रसोइया को एप्रेन, ग्लब्स तथा हैट दिया जाएगा। इसके लिए मध्याहन भोजन निधि के खाते में 400 रुपये की दर से प्रति रसोइया को भेजने की कवायद चल रही है। इसके अलावा कोरोना से बचाव के लिए 12 रुपये प्रति छात्र की दर से सैनिटाइजर साबुन दिया जाएगा। इस बाबत जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. संतोष कुमार सिंह का कहना है कि मध्याह्न भोजन योजना को कोरोना मुक्त रखने की तैयारी पूरी कर ली गई है। खंड शिक्षा अधिकारियों को दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं।