शकोरोना संक्रमण काल में जिले के परिषदीय विद्यालयों में तैनात नवनियुक्त शिक्षकों को महीनों से बाधित वेतन जारी करने का रास्ता साफ हो गया है। शासन ने शिक्षकों को शपथ प्रमाण पत्र जमा करने का फरमान जारी किया है। वहीं पारस्परिक स्थानांतरण के तहत गैर जनपदों से आए शिक्षकों को भी वेतन देने की तैयारी चल रही है। इससे जिले के 77 शिक्षकों को लाभ मिलेगा। जिले के परिषदीय विद्यालयों में गत वर्ष नवंबर 2020 में 193 सहायक अध्यापकों की तैनाती हुई थी।
गत वर्ष कोरोना संक्रमण तथा लाकडाउन तथा इस वर्ष भी कोरोना संक्रमण तथा लाकडाउन के चलते शिक्षकों के शैक्षिक अभिलेखों तथा प्रमाण पत्रों का सत्यापन पूरा नहीं हो सका है। कोरोना संक्रमण के चलते देश के विश्वविद्यालय या तो बंद हैं या कोरोना संक्रमण के चलते सत्यापन कार्य बाधित है।ऐसे में 96 शिक्षकों का ही सत्यापन कार्य पूरा हो सका है। वेतन न मिलन से 77 शिक्षकों के समक्ष परिवार का खर्च तो दूर अपना खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। नवनियुक्त शिक्षकों को कर्ज लेकर काम चलाना पड़ रहा है। शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों की तरफ से मामला उठाने के बाद शासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए नई व्यवस्था के तहत फरमान जारी किया है। नए फरमान के मुताबिक जिन शिक्षकों का सत्यापन न होने के चलते वेतन बाधित है। वह शपथ पत्र बनवाकर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में जमा कर सकते हैं। शपथ पथ जमा होने के बाद विभाग की तरफ से वेतन जारी कर दिया जाएगा।
उधर पारस्परिक स्थानांतरण के तहत गत फरवरी माह में 53 सहायक अध्यापकों की ज्वाइनिंग हुई, लेकिन विद्यालयों का आवंटन न होने से शिक्षकों का वेतन बाधित है। कोरोना संक्रमण काल में उनके समक्ष आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। शासन की तरफ से वेतन जारी करने की तैयारी चल रही है। इस बाबत जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राजेंद्र प्रसाद का कहना है कि शासन की नई व्यवस्था के तहत नए शिक्षकों को शपथ पत्र जमा करने के मामले में खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर दिया गया है।