जिला महिला अस्पताल में मौजूद एन एन सी यू।
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सीएमएस और क्लर्क के बीच उपजे विवाद के चलते जिला महिला चिकित्सालय में जहां व्यवस्थाएं बदहाल हो रही हैं तो वहीं कर्मचारियों को दो माह से वेतन नहीं मिला है। हालत यह है कि चाइल्ड केयर यूनिट में पिछले चार माह से डॉक्टर नहीं हैं ऐसे में नवजात प्राइवेट अस्पतालों में रेफर किए जा रहे। वहीं विवाद का कारण बनीं सीएमएस का स्थानांतरण हो जाने के बाद भी अभी तक इस पद पर तैनाती नहीं किए जाने से व्यवस्थाएं पटरी पर नहीं आ पा रही। बाल निकेतन तिराहा स्थित महिला चिकित्सालय में आने वाले मरीजों का डाक्टरों और स्वास्थ्य कर्मचारियों द्वारा इलाज तो किया जा रहा है। लेकिन दो माह से इन्हें वेतन नहीं दिया गया है।
दरअसल अस्पताल में वेतन के लिए तैनात कनिष्ठ लिपिक और सीएमएस न होने के चलते भुगतान नहीं हो पा रहा हैं। वहीं अस्पताल में अव्यवस्थाएं भी हावी हैं। पेयजलापूर्ति पिछले एक सप्ताह से ठप है। इससे मरीज और तीमारदार खासे परेशान हैं। शौचालय की सफाई भी नहीं हो रही है। जबकि प्रयोगशाला में कई जांचें भी प्रभावित हो रही।
अव्यवस्थाओं के पीछे तत्कालीन सीएमएस और अस्पताल के कनिष्ठ लिपिक की आपसी खिंचातानी है। बता दें कि बीते माह कनिष्ठ लिपिक ने सीएमएस पर मानसिक प्रताड़ना और धमकी देने का आरोप लगाकर इस संबंध में विभागीय अधिकारियों के साथ डीएम और एसपी को प्रार्थना पत्र सौंपा था।
कुछ दिन बाद ही सीएमएस ने बाबू के कक्ष का औचक निरीक्षण किया, जहां वित्तीय अनियमिताएं मिलने पर कोतवाली में मामला दर्ज कराया। इसके लिपिक बीमार होने की बात कहते हुए मेडिकल अवकाश पर चला गया। उधर, सीएमएस का बलिया तबादला हुआ तो वह बिना किसी को प्रभार सौंप अवकाश पर चली गईं। अब ऐसे में अस्पताल की व्यवस्थाएं प्रभावित होने के साथ ही कर्मचारियों का वेतन भी नहीं अग्रसारित हो पा रहा। वेतन न मिलने से परेशान कर्मचारियों ने आंदोलन की चेतावनी दी है। उधर, प्रभारी सीएमएस डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि वेतन संबंधित समस्या को लेकर सीएमओ को अवगत कराया जा चुका है।