नगर के डीसीएसके पीजी कालेज में लगे पुस्तक मेले में अवलोकन करते जिलाधिकारी ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी
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मऊ। जिला प्रशासन की पहल पर वन विभाग एवं पर्यावरण विभाग के सहयोग से डीसीएसके पीजी कालेज में पुस्तक मेले के चौथे दिन बृहस्पतिवार को बदलता हुआ मऊ और युवा विषय पर गोष्ठी आयोजन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण में साहित्य की भूमिका अहम है।
मुख्य अतिथि जिलाधिकारी ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी ने कहा कि मां की गोद में ही सभ्यता जन्म लेती है तथा संस्कृति विस्तार पाती है। ऐसे में मां की प्रेरणा ही पुस्तक के करीब लाती है। बोले मऊ का पहला पुस्तक मेले का सूत्र वाक्य है पढ़े मऊ बढ़े मऊ। विशिष्ट अतिथि डीएफओ संजय विश्वाल ने कहा कि कहा कि पर्यावरण संरक्षण में साहित्य की भूमिका अग्रणी रही है। जनपद में यदि सामाजिक रूप से सामुदायिक वानिकी की अवधारणा अपनाई जाए तो ग्रीन मऊ का सपना साकार हो सकता है। अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य डॉ. एके मिश्रा ने कहा कि नई पीढ़ी को साहित्य को संस्कार से रुबरु कराने के लिए जरूरी है उनमें पढने की आदत डाली जाए। राजीव रंजन और डॉ. शर्वेश पांडेय ने कहा कि युवा और किताबें विषय पर आयोजित संवाद युवाओं को नागरिक बोध से जागृत करेगा। संचालन डॉ. सीपी राय ने किया।
साहित्य अकादमी के स्टाल से भाषान्तर अनुवाद, रचना संचयन लोगों ने खूब खरीदा, राजकमल प्रकाशन इतिहास और समाज उपयोगी विषय, प्रकाशन संस्थान की विचार व पर्यावरण विषय, किताब घर से प्रतिनिधि कहानी, कविता एवं सादत हसन मंटो की रचनाएं विशेष रूप से पसंद की गई। मेधा बुक्स से सस्ता साहित्य सीरीज को विद्यार्थीयों ने खूब खरीदा। नई किताब प्रकाशन का भारतीय नवजागरण और स्त्री सीरीज को छात्रों को भाई। वाणी एवं उत्कर्ष प्रकाशन के स्टाल से पेपर बैक संस्करण पंडिल दिनदयाल उपध्याल, बाबा भीमराव अंबेडकर, महात्मा गांधी एवं विनोवा भावे और लोहिया की किताबों को भी लोग पसंद किया।