वलीदपुर। अधिक मुनाफे के चक्कर में अनुबंधित बसें रोस्टर समाप्त होने के बाद भी सवारियों को भरकर सड़क पर सरपट दौड़ती हैं। लेकिन इस बात से विभागीय अधिकारी अनजान रहते हैं। ऐसा ही मामला शनिवार देर शाम मऊ डिपो से आया। जहां डिपो की अनुबंधित बस (बस नंबर UP 50 NT 0282) शाम 7:30 बजे मऊ डिपो से आजमगढ़ के लिए रवाना हुई। लेकिन उसमें कंडक्टर नहीं था, बस में 15 यात्री थे जिनसे बस मालिक ही किराया वसूल रहा था। नियम यह है कि अनुबंधित बस में कंडक्टर परिवहन निगम का रहेगा। हालांकि बस मालिक की चालाकी अधिक देर तक नहीं चली। आजमगढ़ बॉर्डर पर मोहम्मदबाद गोहना के उम्मनपुर के पास यातायात परिवहन निगम के मंडल यातायात निरीक्षक रामवृक्ष यादव और रामविजय सिंह की टीम रोडवेज बसों की चेकिंग कर रही थी। टीम ने अनुबंधित बस को भी रोका। बस की जांच की तो पता चला कि बस में कंडक्टर नहीं है। अनुबंधित बस के मालिक ने ही यात्रियों से किराया वसूला है। इस बात को जानकर अधिकारी अवाक रह गए। लिखित सूचना आरएम आजमगढ़ मनोज वाजपेई को दी। जिसपर इस अनुबंधित बस का संचालन अनिश्चितकाल के लिए रोक दिया गया है। बड़ा सवाल ये उठता है कि यदि निगम का चेकिंग दस्ता सक्रिय नहीं होता तो ये खेल रातभर चलता।
अनुबंधित बस का कंडक्टर कलेक्शन का पैसा जमा कर चला गया। उस के संचालन का रोस्टर समाप्त हो गया था। चालक ने बस को मालिक के घर ले जाने की बात कही और चला गया। कुछ देर बाद पता चला कि मऊ-आमजगढ़ बॉर्डर पर यातायात निरीक्षक ने बस को बिना परिचालक के सवारी भरते हुए पकड़ा है। जो नियम विरूद्ध था। बिना कंडक्टर अनुबंधित बसों का संचालन अवैध है। फिलहाल बस का संचालन अनिश्चितकाल के लिए रोक दिया गया है।
- हरिशंकर पांडेय, एआरएम, मऊ