मऊ। यदि आपके पास निजी साधन नहीं है तो दूसरे जनपदों और शहरों में होने वाले वैवाहिक कार्यक्रमों में शामिल होना मुश्किल है। बीते चार दिन से मऊ और दोहरीघाट सहित आसपास के जनपदों की सभी बसें महाकुंभ मेला क्षेत्र, जौनपुर और आजमगढ़ में फंसी हैं, जिससे लखनऊ, वाराणसी, गाजीपुर और गोरखपुर जाने वाले यात्री परेशान हैं।
बृहस्पतिवार की सुबह 10 बजे से शाम तक लोग सामान लेकर मऊ बस स्टेशन पर बसों का इंतजार करते रहे। लेकिन बसें नहीं मिलीं। 24 जनवरी तक दो बसें पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से लखनऊ भेजी जा रही थीं, जिन्हें अगले दिन से बंद करके प्रयागराज भेज दिया गया।
महाकुंभ से पहले 10 जनवरी तक मऊ डिपो की 20 से अधिक बसें लखनऊ जाती थीं, जो सबसे व्यस्त रूट है। मऊ डिपो की 64 बसें आजमगढ़, बलिया, लखनऊ, शाहगंज, गोरखपुर, मझवारा, मधुबन, बहराइच, प्रयागराज सहित 12 रूटों पर चलती हैं। व
हीं दोहरीघाट डिपो की 57 बसें दिल्ली, देवरिया, कुशीनगर, गोंडा, शाजहांपुर, बस्ती, संतकबीरनगर, महाराजगंज आदि रूटों पर चलती हैं। लेकिन इन दिनों किसी रूट पर बसें चलती नहीं दिख रही हैं।
मौनी अमावस्या पर भीड़ बढ़ने की आशंका को देखते हुए मऊ में मेरठ डिपो की 100 बसें 24 जनवरी को ही मंगा ली गई हैं, बावजूद बसें कम पड़ गईं। बृहस्पतिवार को मऊ बस स्टेशन पर बैठे ज्ञानेंद्र चतुर्वेदी, संतोष भारती, हनी कुमार ने बताया कि वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने लखनऊ जाना है। सुबह 10 बजे से बैठकर बस का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन तीन घंटे बीत गए बस नहीं मिली है।
निर्मली देवी, सुभाष, सरिता और मनोज ने बताया कि उन्हें वाराणसी जाना है, बीते दो घंटे से बस का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन एक वाराणसी जाने के लिए बस नहीं आई है। बताया कि पहले भी वाराणसी जाने के लिए बस कम मिलती थी, उन्हें गाजीपुुर जाकर दूसरी बस का सहारा लेना पड़ता था।