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Mau News: बारिश में बढ़ा ब्रेन अटैक का खतरा, 96 घंटे में पहुंचे 30 से ज्यादा मरीज पहुंचे अस्पताल

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जिला अस्पताल के ओपीडी में दवा काउंटर पर लगी लोगों की भीड़।संवाद - फोटो : ट्रामा सेंटर में हंगामा के बाद बाहर विलाप करते परिजन। संवाद
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मऊ। मानसून में तापमान, नमी और दिनचर्या में बदलाव के बीच रक्तचाप के मरीजों की परेशानी बढ़ती नजर आ रही है। इसका असर खासकर बुजुर्गों और पहले से उच्च रक्तचाप, मधुमेह, हृदय रोग या कोलेस्ट्रॉल की समस्या से जूझ रहे लोगों में दिखाई दे रहा है। बीते चार दिनों में जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और दो निजी अस्पतालों में 30 से अधिक ब्रेन अटैक के मरीज पहुंच चुके हैं।
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एक निजी अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. संजय सिंह ने बताया कि उनके यहां चार दिनों में ब्रेन अटैक के 17 मरीज भर्ती हुए। इनमें छह मरीज माइनर और 11 मरीज मेजर अटैक से पीड़ित थे। वहीं दूसरे निजी अस्पताल के संचालक डॉ. मनीष राय के अनुसार, उनके अस्पताल में भी इसी अवधि में ब्रेन अटैक के 12 मामले सामने आए।
न्यूरो सर्जन डॉ. विशाला सिंह के अनुसार, मानसून के दौरान तापमान, आर्द्रता और वायुमंडलीय दबाव में होने वाले बदलाव शरीर के रक्त संचार और रक्तचाप को प्रभावित कर सकते हैं।
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ऐसे में पहले से हाई ब्लड प्रेशर, मधुमेह, हृदय रोग या कोलेस्ट्रॉल की समस्या वाले लोगों में स्ट्रोक का जोखिम बढ़ सकता है। उन्होंने बताया कि मानसून सीधे तौर पर ब्रेन स्ट्रोक का कारण नहीं बनता, लेकिन मौसम में बदलाव कुछ जोखिम कारकों को बढ़ा सकता है।
तापमान और नमी में उतार-चढ़ाव के कारण रक्तचाप में भी बदलाव हो सकता है। ऐसे में हाई ब्लड प्रेशर, मधुमेह, हृदय रोग से पीड़ित और धूम्रपान करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
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