रजनीकांत पांडेय
मऊ। नगर क्षेत्र के वार्ड-12 निजामुद्दीनपुरा मुहल्ले में तीन दिन पूर्व लाखों की लागत की मरम्मत हुई सड़क को जब वार्ड के लोगों ने हाथ लगाया तो वह उखड़ने लगी। कार्य किस स्तर का है, इस बात से सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। पांच दिन पहले नपाध्यक्ष अरशद जमाल द्वारा निरीक्षण में खामी मिलने पर गुणवत्तापूर्वक काम का निर्देश दिया था, बावजूद कार्य पूरा करने में कोई गुणवत्ता का ध्यान नहीं दिया गया। चेयरमैन के आदेश को भी ठेकेदार ने धता बता दिया।
बतातें चले कि नगर के निजामुद्दीनपुरा मुहल्ले में व्हाइट पैलेस से लेकर ब्रह्मबाबा की चौरी तक 500 मीटर तक सड़क क्षतिग्रस्त हो गई थी। सड़क पर कई जगहों पर गहरे गढ्डे बन गए थे। नौ लाख 90 हजार रुपये मरम्मत कार्य के लिए जारी किए गए थे। जहां तीन दिन पहले मरम्मत कार्य पूरा कर लिया गया है, कार्य के बाद ही कई जगहों पर सड़क खुद से उखड़ने लगी है। शिकायत पर अमर उजाला की टीम ने जब जांच की तो सड़क मरम्मत कार्य की गुणवत्ता में खामियां मिली। मुहल्ले के दीपक श्रीवास्तव ने बताया कि सड़क बेहद खराब बनी है, इस दौरान वार्ड के दीपक ने घटिया कार्य का उदाहरण दिखाने के लिए जब सड़क किनारे से कार्य की गुणवत्ता दिखाने के लिए हाथ लगाए तो वह उखड़ने लगी। वहीं टीम ने इस दौरान सड़क के बीचोंबीच से खुद खुरचकर देखा जहां सड़क की गिट्टिया बड़ी आसानी से उखड़नी लगीं। इस संबंध में वार्ड सभासद राजीव कुमार सैनी ने बताया कि सड़क मरम्मत कार्य बेहद घटिया है, शिकायत भी मैंने ही नपाध्यक्ष और जिम्मेदार अधिकारियों से की थी। बीते 18 मई को नपाध्यक्ष अरशद जमाल ने मरम्मत कार्य का निरीक्षण किया, जहां खामी मिलने पर इसे बेहतर करने का निर्देश दिया। उनके आदेश को भी ताक पर रख कर मानक के विपरीत घटिया निर्माण किया गया।
-
14 दिनों में दूसरी बड़ी लापरवाही
मऊ। मानक को ताक पर रखकर सड़क निर्माण में घटिया काम का यह पहला मामला नहीं है, 13 दिन पहले यानी बीते नौ मई को ऐसा ही मामला वार्ड-1 गालिबपुर में उजागर हुआ था। यह लापरवाही खुद नपाध्यक्ष अरशद जमाल ने पकड़ी। इस दौरान नपाध्यक्ष के जांच में 37-37 लाख रुपये से बन रही निर्माणाधीन सड़क के किनारी सतह को ईंट से मारने पर ही आरसीसी सड़क टूटने लगी थी, घटिया निर्माण कार्य देख चेयरमैन का पारा चढ़ गया था। उन्होंने कार्य के भुगतान को रोकने के साथ ही जांच के लिए एक टीम गठित की थी।
कोट
मामला संज्ञान में नहीं है, जांच कराई जाएगी, मानक को ताक पर रखकर किए काम की जांच में खामी मिलने पर संबंधित पर ठोस कदम उठाया जाएगा।
दिनेश कुमार ईओ, नगर पालिका मऊ