परिवहन निगम ने संविदा चालकों का रिटायरमेंट 60 से बढ़ाकर 62 कर दी है। 31 जुलाई को रिटायर हो चुके मऊ डिपो के दो संविदा चालकों को वापस ड्यूटी पर बुलाया जा गया है। एआरएम ने पत्र भेजकर उन्हें ड्यूटी पर लौटने को कहा है। बसों की तुलना में चालकों की कमी को देखते हुए परिवहन निगम ने ये फैसला लिया है।
इन चालकों को 250 किमी की सीमा में ही बस चलाने की अनुमति मिलेगी, लंबे रूट पर नहीं भेजा जाएगा। साथ ही हर छह माह पर इनका फिटनेस टेस्ट लिया जाएगा और अनुबंधन होगा। मऊ डिपो में रोडवेज की 53 बसें हैं और इन्हें चलाने के लिए चालक सेवा दे रहे हैं। चालकों के अभाव में रोजाना डिपो 10 से अधिक रोडवेज बसें वर्कशॉप में ही खड़ी रह जाती हैं। ऐसे में रोडवेज को रोजाना राजस्व का नुकसान होता है साथ ही यात्रियों को भी असुविधा होती है। संविदा पर चालकों की भर्ती की जा रही है, लेकिन आवेदक नहीं मिल रहे हैं। यही कारण है कि रिटायर हुए चालकों को दोबारा नौकरी का अवसर मिलेगा। रिटायर हो चुके चालकों को वापस नौकरी पर आने के लिए कुच मानक भी जारी किया गया है। 62 वर्ष उम्र तक प्रत्येक छह महीने पर फिटनेस टेस्ट होगा, चालक ने सेवाकाल के पिछले तीन साल में हर माह 2500 किमी बस चलाई हो, बस चलाने के दौरान बीते तीन साल में कोई बड़ी दुर्घटना न हुई हो।
चालकों की कमी को देखते हुए परिवहन निगम द्वारा ये फैसला लिया गया है। उनकी सेवानिवृत्त 60 वर्ष की उम्र में ही होगी। लेकिन छह-छह माह के अनुबंध पर इनकी 62 वर्ष तक सेवाएं ली जाएगी। - हरिशंकर पांडेय, एआरएम, मऊ