मऊ। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार ने मारपीट के मामले में सुनवाई के बाद चार लोगों को दोषी पाया। दोषी पाए जाने के बाद सभी को परिवीक्षा अधिनियम का लाभ देते हुए तीन माह तक सदाचार बनाए रखने की हिदायत देते हुए छोड़ दिया। मामला शहर कोतवाली क्षेत्र क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार ख्वाजाजहांपुर निवासी सुभाष चंद राजभर पुत्र किशोरी लाल की तहरीर पर एफआईआर दर्ज हुई। इसमें गांव के ही गुलाब पुत्र किशोरी, गंगा पुत्र कौलेसर, रामकेवल पुत्र गंगा और अशोक पुत्र शंकर को नामजद किया गया। वादी का आरोप है कि 15 अक्तूबर 2008 की सुबह आरोपीगण उसे जान से मारने को मारापीटा। जान से मारने की धमकी दी।
पुलिस ने मामले की एफआईआर दर्ज कर बाद विवेचना आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए प्रभारी डीजीसी फौजदारी अजय कुमार सिंह और एडीजीसी फौजदारी नंदलाल भारती ने तीन गवाहों को पेश किया। एडीजे ने साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी गुलाब, गंगा, रामकेवल और अशोक को मारपीट व जान से मारने की धमकी का दोषी पाया।
वहीं, हत्या का प्रयास सहित अन्य मामलों में दोषमुक्त कर दिया। दोषी पाए जाने के बाद सभी को परीवीक्षा अधिनियम का लाभ देते हुए तीन-तीन माह तक सदाचार बनाए रखने की हिदायत देते हुए छोड़ दिया।