चिरैयाकोट नगर पंचायत में आयुष विभाग की टीम ने छापे मारे। इस दौरान दो अस्पतालों का पंजीयन संदिग्ध मिला। आयुर्वेद विधा से डिग्री लेकर डॉक्टरों ने एलोपैथ से पंजीयन कराया है। इसपर क्षेत्रीय आयुर्वेद एवं यूनानी अधिकारी ने दोनों को नोटिस जारी किया है।
छापेमारी की सूचना पर अधिकांश क्लिनिक और मेडिकल स्टोर संचालक शटर गिराकर भाग गए। फर्जी पंजीयन की शिकायत पर क्षेत्रीय आयुर्वेद एवं यूनानी अधिकारी डॉ. सत्येंद्र कुमार साहू टीम के साथ बुधवार की शाम चिरैयाकोट नगर पंचायत में पहुंचे।
उन्होंने बताया कि मुबारकपुर मुहल्ला स्थित हिमांशु क्लिनिक का पंजीयन गलत पाया गया। जांच के दौरान पता चला कि संचालक डॉक्टर के पास बीएमएस की डिग्री थी और अस्पताल का पंजीयन एलोपैथ विधा से था। इसके अलावा एक और अस्पताल का पंजीयन गलत पाए जाने पर नोटिस दिया गया।
हिमांशु क्लिनिक के संचालक डॉ. रविंद्र यादव ने बताया कि उनके अस्पताल और क्लिनिक का पंजीयन है और वो एलोपैथ विधा से प्रैक्टिस करते हैं। औसतपुर स्थित कुनूत मेडिकल स्टोर की जांच में ड्रग लाइसेंस सही पाया गया।
बगल में स्थित नूर हॉस्पिटल का भी पंजीयन सही पाया गया। डॉ. सत्येंद्र कुमार साहू ने बताया कि बीएएमएस और बीयूएमएस की डिग्री लेने वाले अधिकांश डॉक्टर एलोपैथ से प्रैक्टिस कर रहे हैं। इसी की शिकायत पर जांच की गई है।