फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mau News: घरेलू हिंसा और महिला अपराध के मामलों में तुरंत दर्ज कराएं मुकदमा

विज्ञापन
विज्ञापन
घरेलू हिंसा और महिला अपराध को लेकर हमें सख्त कदम उठाना है, इसमें शामिल लोगों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कराएं। ताकि ऐसे लोगों को कड़ा सबक मिल सके। ये निर्देश बुधवार की देर शाम जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र ने दिए। वह कैंप कार्यालय में महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे। इस दौरान उत्तर प्रदेश रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष के तहत जिला संचालन समिति के स्तर पर लंबित 17 प्रकरणों पर चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने कहा जिन मामलों में मेडिकल प्रूफ न हो, उन्हें निरस्त करें। साथ ही कम उम्र की बालिकाओं के साथ हुए मामलों में अगर एफआईआर दर्ज हुई हो, चार्ज शीट दाखिल की गई हो और मेडिकल रिपोर्ट भी संबंधित के पक्ष में हो, ऐसे लोगों को तत्काल इस योजना का लाभ दिलाएं। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना सामान्य की समीक्षा के दौरान जिला प्रोबेशन अधिकारी ने बताया कि सत्यापन के बाद जिला टास्क फोर्स द्वारा स्वीकृति के लिए 231 आवेदन पत्र लंबित हैं। अब तक कार्यालय को 1042 आवेदन पत्र मिले हैं, इनमें से छह आवेदन पत्र अस्वीकृत किए गए। इस दौरान जनसुनवाई के समय आजमगढ़ से संबंधित एक मामले में जिलाधिकारी के निर्देश पर घरेलू हिंसा के मामले में पति के खिलाफ एफआईआर दर्ज भी कराई गई। जिलाधिकारी ने घरेलू हिंसा के मामलों को गंभीर मानते हुए वन स्टॉप सेंटर संचालिका को ऐसे मामलों में विधिक कार्रवाई करने के लिए कहा। उन्होंने ऐसे पतियों को भी आगाह किया जो बिना वजह अपनी पत्नियों को प्रताड़ित करते हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार का कोई भी प्रकरण संज्ञान में आने पर तत्काल ऐसे लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराते हुए कड़ी कार्रवाई कराएं।
विज्ञापन

वन स्टॉप सेंटर द्वारा किए गए कार्यों की समीक्षा के दौरान संबंधित अधिकारी ने बताया कि एक अप्रैल से 31 जुलाई तक 141 प्रकरण वन स्टॉप सेंटर पर आए। सभी का निस्तारण किया जा चुका है। इस माह अब तक 51 प्रकरणों में 19 मामले घरेलू हिंसा के थे, जिनमें चार मामलों में एफआईआर दर्ज करा दी जा चुकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें