जिले में पात्र गृहस्थी और अन्त्योदय कार्ड धारकों में बड़ी संख्या में अपात्र लाभ ले रहे हैं। जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में इन दोनों श्रेणी के 36572 अपात्र राशन कार्डधारक हैं जबकि इतनी ही संख्या में पात्र कार्डधारक अपना हक पाने का इंतजार महीनों से कर रहे हैं। जनपद के नगरीय क्षेत्रों के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में सत्यापन कराया गया है।सत्यापन के बाद इस योजना से वंचित पात्रों की सूची उपजिलाधिकारियों के कार्यालयों में जमा है। लेकिन विभागीय लापरवाही के चलते उसे लागू नहीं किया गया है और हर महीने अपात्र खाद्यान्न उठाते जा रहे हैं। प्रत्येक गांवों और मुहल्लों में सत्यापन के बाद बनी सूची दफ्तरों में धूल फांक रही है।
जिले में नगरपालिका और जिले की नौ नगर पंचायतों में पात्र गृहस्थी कार्डधारकों की संख्या 57 032 है जबकि इनके लाभार्थियों की संख्या दो लाख 80 हजार 263 है। इसी प्रकार अन्त्योदय कार्ड धारकों की संख्या 7579 और इनके लाभार्थियों की संख्या 31 हजार 136 है। ग्रामीण क्षेत्रों में पात्र गृहस्थी की संख्या दो लाख 52 हजार 118 है और इनके लाभार्थियों की संख्या 11 लाख 29 हजार 239 है।
ग्रामीण क्षेत्रों में 49 हजार 14 अन्त्योदय कार्ड धारक हैं और इनके लाभार्थियों की संख्या एक लाख 90 हजार 416 लाभार्थी हैं। कार्ड बनाने में अनियमितता और फर्जीवाड़ा की शिकायतें अनवरत आती रहीं और कलेक्ट्रेट पर विरोध प्रदर्शन धरना का सिलसिला सालों से चला आ रहा है। ग्राम प्रधान अपने चहेतों को पात्र गृहस्थी और अन्त्योदय के कार्ड राशन कार्ड बनवाते रहे।धारकों की पात्रता की जांच भी कई बार कराई गई। फिर भी शिकायतों का दौर जारी रहा। इसके बाद सत्यापन के लिए समितियां गठित की गईं। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के सभी मुहल्लों के कार्डधारकों की जांच की गई ।
इनमें शहरी क्षेत्रों में पात्र गृहस्थी के 5700 और ग्रामीण क्षेत्रों में 25 हजार 212 अपात्र राशन कार्ड धारक पाए गए।इसी पप्रकार शहरी क्षेत्र के अन्त्योदय कार्ड के 759 और चार हजार नौ सौ एक कार्डधारक फर्जी चिह्नित किए गए हैं।