बलात्कार पीड़िता 22 वर्षीया युवती की रविवार की सुबह इसलिए गोली मारकर हत्या कर दी गई क्योंकि वह सुलह न कर आरोपियों को सजा दिलवाना चाहती थी। सुबह आठ बजे हुई इस वारदात से सनसनी फैल गई।
नाराज लोगों ने मऊ-आजमगढ़ मार्ग पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। दो घंटे बाद पुलिस अधिकारियों ने उन्हें मनाकर आवागमन शुरू कराया। पुलिस ने इस मामले में कालेज प्रबंधक के पुत्र सहित चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। घटना दक्षिण टोला थाना क्षेत्र के रैनी पुलिस के पास हुई। गोली मारने के बाद दो बाइक पर सवार चार बदमाश असलहा लहराते हुए भाग निकले।
कोपागंज थाना क्षेत्र के एक गांव की युवती रविवार की सुबह अपने चचेरे भाई के साथ दवा लेने बाइक से मऊ जा रही थी। बैजापुर पुलिया के पास पहुँचते ही दो बाइक सवार चार बदमाशों ने ओवरटेक करते समय उनकी बाइक में टक्कर मार दी। बाइक से भाई-बहन के गिरते ही एक बदमाश ने युवती की कनपटी में तमंचा सटाकर गोली मार दी।
उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। कुछ ही देर में यह खबर जंगल में आग की तरह फैल गई। मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। दिनदहाड़े हुई इस दुस्साहसिक वारदात से नाराज ग्रामीणों ने मऊ आजमगढ मार्ग के बरलाई मोड़ पर शव रखकर जाम लगा दिया। लगभग दो घंटे बाद पहुंचे एएसपी सुनील कुमार सिंह के आश्वासन पर ग्रामीण वहां से हटे।
इस मामले में युवती के चेचेरे भाई की तहरीर पर एक अज्ञात सहित चार लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया गया है। इसमें एक कालेज के मैनेजर का बेटा जयवर्धन सिंह, मथुरा राजभर और मुहम्मदाबाद कोतवाली के कोलौरा गांव के रणजीत सिंह को आरोपी बनाया गया है।
दक्षिण टोला थाने के एसओ सुुुरेश मिश्रा का कहना है कि युवती की हत्या के पीछे चार साल पूर्व हुए बलात्कार में सुलह न होना जान पड़ रहा है। पुलिस जांच कर रही है। उधर, युवती के घर वालों का कहना है बलात्कार मामले में स्कूल प्रबंधक सहित तीन लोग आरोपी बनाए गए थे। वे सुलह का दवाब बना रहे थे। इस मामले में युवती की कोर्ट में गवाही हो चुकी थी। सिर्फ फैसला आना बाकी है।