सजा के बाद रमेश सिंह उर्फ काका को जेल ले जाती पुलिस
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डॉ. कृष्ण प्रताप सिंह ने शुक्रवार को पुलिस की रिवाल्वर छीनकर भागने के प्रयास, सरकारी कार्य में अवरोध उत्पन्न करने के मामले में रमेश सिंह उर्फ काका को छह महीने के साधारण कारावास की सजा सुनाई। पांच हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया।
अर्थदंड अदा न करने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। मामला शहर कोतवाली क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार वाराणसी के रामनगर थाने पर तैनात उपनिरीक्षक रामबहादुर चौधरी की तहरीर पर एफआईआर दर्ज हुई थी।
वादी का कथन था कि 6 जुलाई 2010 को आरक्षी आत्मा पांडेय, श्याम जी यादव, रिजवान, सुनील कुमार, चंद्रिका प्रसाद, रिजर्व पुलिस लाइन से रवाना होकर जिला जेल वाराणसी से सरायलखंसी थाना क्षेत्र के कैथवली गांव निवासी रमेश सिंह उर्फ काका को मऊ स्थित न्यायालय एफटीसी द्वितीय में पेश करने वाहन चालक राधाकृष्ण तिवारी के साथ मऊ पहुंचे थे।
इस दौरान रमेश सिंह ने कुछ अराजकतत्वों से मिलकर भागने का प्रयास किया, रोका तो उनका रिवॉल्वर छीनने का प्रयास किया। मारपीट करने पर उतारू हो गया था। हमराही और कर्मचारियों की मदद से बड़ी मुश्किल से न्यायालय तक लाया गया था।
इसके बावजूद सरकारी कार्य में बाधा डालता रहा। पुलिस ने मामले की विवेचना कर आरोप पत्र सीजेएम न्यायालय में पेश की। कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए अभियोजन अधिकारी ने गवाहों को पेश कर अभियोजन का पक्ष रखा।
बचाव पक्ष से कहा गया कि उसे झूठा फंसाया गया है। सीजेएम ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद रमेश सिंह को दोषी पाया।