हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय के रिसर्च स्कालर रोहित की आत्महत्या के विरोध में शुक्रवार को बुद्धांकर भीम ज्योति समिति के तत्वाधान में कस्बा में एक विशाल रैली निकाली गई। रैली मुहम्मदाबाद गोहना तहसील परिसर में जनसभा में तब्दील हो गई। यहां पहुंचे नायब तहसीलदार को चार सूत्रीय मांगपत्र सौंपकर दोषियों के खिलाफ कार्यवाही किए जाने की मांग की गई।
बुद्धांकर भीम ज्योति समिति से जुडे़ हजारों लोगों ने दीपांकर के नेतृत्व में बुद्ध विहार प्रांगण से जुलूस निकाला। जुलूस में शामिल लोगों ने मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी और विश्वविद्यालय के कुलपति के खिलाफ नारेबाजी की।
जुलूस में शामिल हजारों की संख्या में महिला व पुरुषों ने जमकर नारेबाजी की। जुलूस सब्जीमंडी, कैलेंडर तिराहा, मुख्य बाजार, विजय स्तंभ, स्टेशन रोड होते हुए तहसील परिसर में जाकर सभा के रूप में परिवर्तित हो गया। \
सभा में वक्ताओं ने कहा कि रोहित काफी होनहार व तेजस्वी छात्र था। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा किए जाने वाले गलत कार्यों का विरोध करने पर प्रशासन ने उसके साथ गलत कार्यवाही करते हुए विवि से निष्कासित कर दिया था। वक्ताओं ने कहा की कोई अन्य रास्ता न दिखाई देने पर रोहित ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया।
अंत में प्रदर्शनकारियों ने मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार दिनेश कुमार को घटना की जांच उच्च एजेंसी से कराने, केन्द्रीय मंत्री बंड़ारू दत्तात्रेय व स्मृति ईरानी को मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने, विश्वविद्यालय परिसर में रोहित की प्रतिमा स्थापित किए जाने और छात्र के परिवार को पांच करोड़ रुपये दिए जाने से संबंधित मांगपत्र सौंपकर कार्रवाई किए जाने की मांग की गई।