जिला अस्पताल परिसर में बारिश के पानी से निजात के लिए नगर पालिका को लो लैंड एरिया में दो रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगने थे। बारिश का आधा सीजन बीतने के बाद भी अभी तक रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं लग सके हैं। आधा काम करने के बाद उसे छोड़ दिया गया है। इससे अभी भी अस्पताल के अनेक अनुभाग में चिकित्सक, मरीज सहित अन्य लोगों को जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जिला अस्पताल का पूरा परिसर लो लैंड एरिया होने के कारण बारिश का पानी लगने से आपातकाल, ट्रॉमा विंग, ब्लड बैंक, पीआईसीयू, ओपीडी भवन की तरफ जाने वाला मार्ग पूरी तरह जर्जर हो चुका है। बीते दिनों अस्पताल प्रशासन द्वारा मार्ग की मरम्मत के लिए नगर पालिका और लोक निर्माण विभाग को पत्र लिखा गया था लेकिन दोनों ही विभागों ने मार्ग के निर्माण को लेकर पल्ला झाड़ लिया था। वहीं, दूसरी तरफ जून के बाद से होने वाली बारिश के बीच जिले की 26 लाख आबादी की उपचार का भार लेकर चलने वाला अस्पताल परिसर तालाब बन जाता है। खास तौर पर पीकू वार्ड, ट्रॉमा विंग, आयुष विभाग, ब्लड बैंक और पोस्टमार्टम हाउस की तरफ जाने वाले मार्ग पर 3 से 4 फीट पानी लग जाता है। पूरे परिसर में बारिश का पानी लगने से होने वाली परेशानी को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने नगर पालिका से पानी निकासी की व्यवस्था करने को लेकर पत्र लिखा था। बीते दिनों नगर पालिका ने अस्पताल परिसर में बोरिंग कर उसमें पाइप डालने के बाद एक मोटी स्टील की जाली लगाकर छोड़ दी है। जहां पर बोरिंग की गई है, वह पूरे परिसर के अपेक्षाकृत ऊंचा होने से बारिश के पानी को पूरी तरह जमीन के अंदर अवशोषित करने की स्थिति में नहीं है। दोनों स्थानों पर बोरिंग करने के बाद अभी उसे पाइप से भी कुछ जगहों से जोड़ना है, जो अभी तक अधूरा पड़ा है। आलम यह है कि रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का काम पूरा नहीं होने से भी बारिश के बाद पूरा अस्पताल परिसर जलमग्न हो जाता है।
अस्पताल परिसर लो लैंड एरिया होने से बारिश के दिनों में पानी जमा हो जाता है। जलभराव की परेशानी से निजात के लिए अभी दो रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगे थे, लेकिन काम पूरा नहीं होने से परेशानी जस की तस बनी हुई है।- डॉ. धनंजय कुमार, सीएमएस जिला अस्पताल