नगर क्षेत्र के ख्वाजहांपुरा मोहल्ले में जाम पड़ा नाली।
मानसून आने में चंद ही शेष बचे हैं, लेकिन नगरपालिका के विभिन्न वार्डों में जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के क्रम में तैयारी आधी अधूरी ही है। अधिकांश वार्डों की अधिकांश सार्वजनिक नालियां जाम पड़ी हैं। जाम नालियों की साफ सफाई न होने से गलियों में जगह-जगह गंदा पानी के जमा होने से मच्छरों का प्रकोप बढ गया है। नालों की स्थिति दयनीय है, लेकिन नालों के पैक रहने से वास्तविक स्थिति का पता नहीं चल रहा है। विभागीय लापरवाही की स्थिति यह है कि देर से 17 नालों का टेंडर किया गया है। नगरपालिका के चेयरमैन का दावा है कि सफाई कार्य शुरू हो गया है।
मऊनाथ भंजन नगरपालिका में पहले 36 वार्ड थे। लेकिन नए परिसीमन में वार्डों की संख्या 42 हो गई हैं। मौसम विभाग की तरफ से 15 जून तक मानसून आने की संभावना जताई चुकी है। लेकिन जलजमाव की समस्या के मद्देनजर अभी तक नालों तथा सार्वजनिक नालियों की साफ सफाई का कार्य पूरा तो दूर शुरू भी नहीं किया जा सका है। जबकि नालों की साफ सफाई बरसात आने से पूर्व ही करा ली जाती है। ताकि बरसात के दिनों में नाला नाली ओवर फ्लो न हो। विभागीय लापरवाही की स्थिति यह है कि टेंडर प्रक्रिया को काफी समय पहले ही कर लेना था, वह प्रक्रिया अब पूरी हुई है। हालत यह है कि साफ सफाई न होने से नगरपालिका के सईदी रोड, ख्वाजाजहांपुर, भीटी, मुंशीपुरा सहित अधिकांश वार्डों में सार्वजनिक नालियां जाम पड़ी हैं। नालों की स्थिति दयनीय है, लेकिन पूरी तरह से पैक कर दिए जाने के चलते वास्तविक स्थिति का पता नहीं चल पा रहा है। बरसात के मौसम मेें निजामुद्दीनपुरा, संस्कृत पाठशाला, मुंशीपुरा, रघुनाथपुरा, बहादुरगंज रोड, दक्षिणटोला महरनिया में जलजमाव रहने से लोगों को नारकीय जीवन जीना पड़ता है। हालत यह है कि साफ सफाई न होने से सार्वजनिक नालियों के जाम रहने से गंदा पानी गलियों में इधर उधर बह रहा है। इससे लोगों को गंदे पानी से होकर आना जाना पड़ रहा है।
बरसात पूर्व नालों तथा नालियों की सफाई कार्य पूरा नहीं कराया गया जलजमाव की समस्या से लोगों को जूझना पड़ सकता है। इस बाबत नगरपालिका चेयरमैन शाहीना अरशद जमाल का कहना है कि 17 नालों का टेंडर देर से हुआ है। सफाई कार्य शुरू हो गया है।
गौरतलब है कि बीते माह 27 मई का आंधी के साथ हुई बरसात से नगर पालिका क्षेत्र की नालियां फ्लो कर गई थी। इस दौरान नगर क्षेत्र के कई मुहल्लों में सड़कों पर पानी लग गया था। जो बारिश समाप्त होने के घंटो बाद हटा। जबकि यह बारिश मानसून की नहीं थी।अंदाजा लगा जा सकता है कि मानसून आने पर होने वाली बरसात में नाले नालियों की क्या दशा होगी। 27 मई को नगर क्षेत्र के पहाड़पुरा, खिरीबाग के साथ-साथ सहादतपुरा, मुंशीपुरा आदि मुहल्लों में पानी जमा हो गया था।