मौसम में आए अचानक बदलाव के कारण तेज हवाओं के साथ हुई बारिश और ओलावृष्टि ने गेहूं, चना, सरसों, मसूर और मटर जैसी प्रमुख फसलों को काफी नुकसान पहुंचाया है। आम के बौर भी झड़ गए हैं।
कई गांवों में खेतों में खड़ी और काटी गईं फसलें ओले, हवाओं के कारण गिर गईं और भीगने से नुकसान हुआ है। किसानों ने प्रशासन से जल्द से जल्द सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने की मांग की है।
शुक्रवार की देर रात करीब 10:30 बजे अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। गरज और चमक के साथ जनपद के कई क्षेत्रों में ओलावृष्टि हुई। देर रात करीब दो बजे तक गरज और चमक से लोग सहम गए। रास्तों और बाजार में चलने वालों के कदम कुछ देर के लिए थम गए।
करीब 40 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चलने से किसानों की फसल गिर गई। नए विक्षोभ के सक्रिय होने से शुक्रवार को मौसम में बदलाव आया।
शनिवार को जनपद का अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 21 डिग्री दर्ज किया गया।
पूरे दिन करीब 10 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवा चलती रही। कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति भी बंद रही। शनिवार को मौसम साफ होने के बाद रविवार को फिर मौसम खराब होने का अनुमान है।
किसान आशीष, संजय, मंटू, सर्वेश, अखिलेश, राजू, मोहन, संतोष, रविंद्र, सुनील, अजय का कहना है कि अभी सरसों की फसल की कटाई कुछ किसानों ने की है। बहुत से किसानों की फसल खेत में ही खड़ी है।
ओलावृष्टि होने और तेज हवा चलने से फसल गिर चुकी है। अब मौसम के और खराब होने से लागत भी नहीं निकल पाएगी। चने की फसल पक चुकी है, वह भी खराब हो जाएगी। फसल भीगने के बाद उसके झड़ने का डर है।
दलहन की फसल में फली छेदक नामक बीमारी से पूरी फसल बर्बाद हो सकती है।