कलेक्ट्रेट में डीएम को ज्ञापन देने के बाद उत्तर प्रदेश मिनिस्ट्रियल कर्मचारी संघ से जुड़े कर्मचारी।
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उत्तरप्रदेशीय मिनिस्ट्रीयल कलेक्ट्रेट कर्मचारी के तत्वावधान में राज्य कर्मचारियों ने अपनी 13 सूत्री मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में धरना प्रदर्शन किया। साथ ही मुख्यमंत्री को संबोधित जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
धरने को संबोधित करते हुए संगठन के जिलाध्यक्ष शंभूशंकर दुबे ने कहा कि जनपद मुख्यालय स्तर पर कलेक्ट्रेट का नाम कार्यालय जिलाधिकारी के स्थान पर जनपद मिनी सचिवालय घोषित किया जाए। कलेक्ट्रेट लिपिक संवर्ग कर्मचारी को नायब तहसीलदार के 10 प्रतिशत पदों पर पदोन्नति किया जाए। कलेक्ट्रेट कर्मचारियों का वेतन पुनरीक्षण और संशोधन संबंधित आदेश 31 मई 2013 सरकारी विभाग लिपिक संवर्ग सेवा नियमावली पदोन्नति की प्रक्रिया पूर्ण की जाए। कलेक्ट्रेट लेखाकार कार्य संपादित करने वाले पटल सहायकों को लेेखा संवर्ग का वेतन दिया जाए। नौ सृजित जनपदों और तहसीलों में उत्तरप्रदेश जिला कार्यालय लिपिक वर्ग नियमावली 2011 के तहत पदों का सृजन यिका जाए।
प्रदेश में 21 जनपदों में ज्येष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एवं नौ सृजित तहसीलों मेें प्रशासनिक अधिकारी का पद सृजित किया जाए। भूलेख लिपिक को कलेक्ट्रेट अधिष्ठान में वापस किया जाए। संघ के कार्यालय के लिए दारुलशफा में कार्यालय आवंटित किया जाए। प्रदेश के विभिन्न जनपदों में कार्यरत सीजनल सहायकों को नियमित किया जाए। धरने में रमेश कुमार पांडेय, मनोज कुमार गुप्ता, विरेंद्र पांडेय, रामनरेश, आशुतोष, धर्मवीर, विशाल श्रीवास्तव, गिरीश शामिल रहे।