मऊ। जिले के परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अब हर तीन माह पर परीक्षाएं होंगी। इन परीक्षाओं से छात्र-छात्राओं में प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित होगी। साथ ही बार-बार मूल्यांकन होने से सीखने की क्षमता बढ़ेगी। बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से जुलाई के अंत में तिमाही परीक्षा कराने की तैयारी चल रही है।
जिले मेें 1208 परिषदीय विद्यालयों में 1.70 लाख बच्चे अध्ययनरत हैं। पहले विद्यालयों में तिमाही और छमाही परीक्षाएं होती थीं। विभाग के साथ छात्र-छात्राएं भी परीक्षाओं की तैयारी में जुटा करते थे। इनके नंबर वार्षिक परीक्षाफल में जुड़ते थे। अब सरकार की तरफ से परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों में प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करने के लिए हर तीन माह पर परीक्षा कराई जाएगी। पहली परीक्षा जुलाई के अंत में होने की तैयारी चल रही है। जबकि छमाही परीक्षा अक्तूबर में तथा तीसरी परीक्षा जनवरी और अंत में वार्षिक परीक्षा को समावेशित करते हुए चौथी परीक्षा मार्च में कराई जाएगी। इन सभी परीक्षाओं के परिणाम एक सप्ताह के भीतर मार्च में घोषित कर दिए जाएंगे। यह सब कुछ निपुण भारत मिशन के तहत तय किए गए लक्ष्यों को लेकर किया जाएगा। अधिकारियों की मानें तो हर तीन माह में परीक्षा लेने से छात्र-छात्राओं एवं शिक्षक दोनों को स्वयं को परखने का मौका मिलेगा।
परिषदीय विद्यालयों में हर तीन माह पर परीक्षा करने का अभी लिखित आदेश नहीं मिला है। परीक्षा की तैयारी चल रही है। तीन माह में होने वाली परीक्षा से शिक्षा का स्तर उठेगा। इस परीक्षा से मूल्यांकन होता रहेगा। -डॉ. संतोष कुमार सिंह, बीएसए