बिजली समस्या को लेकर समस्त जनपद में आए दिन विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। सोमवार को भी बिजली कटौती के विरोध में दो जगहों पर लोगों चक्काजाम कर प्रदर्शन किया। पहसा-इटौरा मोड़ पर पूर्वाह्न लगभग साढ़े नौ बजे चक्काजाम कर लोगों ने बिजली कटौती के विरोध में प्रदर्शन किया।
आधा घंटे बाद मौके पर आए एसडीएम सदर सुरेंद्र दत्त सिंह ने प्रदर्शनकारियों को समझा बुझाकर मामला शांत कराया। वहीं, हलधरपुर विद्युत उपकेंद्र के पास मऊ-बलिया मार्ग को भी ग्रामीणों ने भाजपा के नेतृत्व में दोपहर बारह बजे चक्काजाम कर प्रदर्शन किया।
जाम की सूचना पर लगभग 12.40 बजे मौके पर पहुंचे उपजिलाधिकारी सदर सुरेंद्र दत्त सिंह ने प्रदर्शनकारियों को समझाकर मामले को शांत कराया। जाम होने से सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। इससे तेज धूप के चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
हलधरपुर विद्युत उपकेंद्र से कई गांवों को विद्युत आपूर्ति की जाती है। उपकेंद्र में कम क्षमता का ट्रांसफार्मर लगने, उपकेंद्र में तकनीकी खामी आने के चलते विद्युत आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गई है।
बारिश न होने से जिले में हाहाकार मचा है। इसके बावजूद नाम मात्र बिजली मिल रही है। कम बिजली मिलने से सिंचाई के अभाव में धान की फसल सूख रही है। शिकायत के बाद भी सुनवाई न होने से सोमवार को ग्रामीणों, किसानों का गुस्सा फूट गया।
गुस्साए किसानों ने पहसा-इटौरा मोड़ पर दोपहर 12 बजे मऊ-बलिया मार्ग को जाम कर दिया। प्रदर्शनकारी सड़क के बीचोबीच आकर नारेबाजी करने लगे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि 18 घंटे के सापेक्ष लगातार तीन घंटे भी बिजली नहीं मिल रही है। कम बिजली मिलने से खेती किसानी चौपट हो रही है।
बिजली वसूली के दौरान बदसलूकी की जाती है। मौके पर आए एसडीएम के आश्वासन पर जाम समाप्त हो सका। जाम करने वालों में जितेंद्र राजभर, मुन्नू यादव, रामप्यारे गौतम, उमाशंकर आदि शामिल थे।