मऊ। प्रोजेक्ट अलंकार योजना के माध्यम से जिले के 12 सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों की हालत सुधारी जाएगी। यहां कई विद्यालयों का निर्माण कराया जाएगा। वहीं कुछ में मरम्मत कार्य कराए जाएंगे। इसके लिए विभाग की तरफ से शासन को प्रस्ताव भेजा गया है।
माध्यमिक शिक्षा परिषद के जर्जर हो चुके अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयाें की दशा को अब प्रोजेक्ट अलंकार के तहत सुधारा जाएगा। इसके लिए शासन की तरफ से कवायद तेज कर दी गई है। जिले में 56 वर्ष से अधिक पुराने सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के भवनों का जीर्णोद्धार और मरम्मत कराई जाएगी। जनपद में यूपी बोर्ड के 67 अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालय संचालित हैं।
इनमें से कई विद्यालयों की हालत काफी खराब हो चुकी है। कहीं आवश्यक कमरे नहीं हैं तो कहीं काफी समय पहले बने कमरे जर्जर हो चुके हैं। शौचालय और चहारदीवारी की व्यवस्था नहीं है। इससे यहां पढ़ने के लिए आने वाले विद्यार्थियों और शिक्षकों के समक्ष जहां दिक्कतें खड़ी होती हैं। इसे ध्यान में रखते हुए शासन द्वारा प्रोजेक्ट अलंकार के तहत इन विद्यालयों का सौंदर्यीकरण कराया जाएगा। योजना के तहत 12 सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों का चयन किया गया है।
इसके लिए विभाग की तरफ से योजना के तहत विद्यालयों में कक्षा कक्ष, प्रयोगशाला, पुस्तकालय, कंप्यूटर लैब, स्मार्ट क्लास, फर्नीचर, खेल का मैदान, प्रधानाचार्य कक्ष, स्टॉफ कक्ष, बालक व बालिका का शौचालय, चहारदीवारी, बिजली व्यवस्था, साइकिल स्टैंड आदि का निर्माण कराया जाएगा।
चयनित माध्यमिक विद्यालयों पर नजर डाला जाए तो दधिवल इंटर कालेज रैनी, विक्ट्री इंटर कालेज दोहरीघाट, विंध्याचल राय इंटर कालेज कोरौली, नेहरु इंटर कालेज रतनपुरा, चंद्रमौली शिक्षा धाम इंटर कालेज कुरंगा, डीएवी इंटर कालेज वनगांवा, गंगादास इंटर कालेज धवरियासाथ, शांतानंद इंटर कालेज अमिला, नेहरु इंटर कालेज सहित 12 सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय हैं। विभाग की तरफ से प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया है। बजट की मंजूरी मिलने पर अगली कार्यवाही की जाएगी।
वर्जन
प्रोजेक्ट अलंकार योजना के तहत 12 सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय का चयन किया गया है। शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। प्रस्ताव स्वीकृत होने पर अगली प्रक्रिया शुरू होगी। - सीपी श्रीवास्तव, जिला समन्वयक, माध्यमिक शिक्षा अभियान