मऊ। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के तत्वावधान में बिजली कर्मियों तथा जूनियर इंजीनियरों ने रविवार को अधीक्षण अभियंता कार्यालय परिसर में प्रदर्शन किया। साथ ही जमकर नारेबाजी किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पावर कॉर्पोरेशन प्रबंधन उकसाऊ कार्रवाई करके जबरिया हड़ताल थोप रहा है। जबकि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड का निजीकरण किसी भी प्रकार से प्रदेश व आम जनता के हित में नहीं है।
निजी बिजली कंपनियां मुनाफे के लिए काम करती हैं, जबकि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम बिना भेद-भाव के किसानों और गरीब उपभोक्ताओ को निर्बाध बिजली आपूर्ति कर रहा है। जबकि निजी बिजली कंपनी बड़े उपभोक्ताओं का प्राथमिकता पर बिजली देगी। जो ग्रेटर नोएडा व आगरा मे यही हो रहा है।
ग्रेटर नोएडा और आगरा में निजीकरण की विफलता को देखते हुए पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण का फैसला व्यापक जनहित मे वापस लिया जाना चाहिए। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के विघटन व निजीकरण का प्रतिगामी फैसला वापस लिया जाए। अन्यथा पांच अक्तूूूूबर को प्रदेश व्यापी संपूर्ण कार्य बहिष्कार आंदोलन कार्यक्रम के अंतर्गत जनपद ऊर्जा क्षेत्र के कर्मचारी, जूनियर इंजीनियर, इंजीनियर पूरे दिन संपूर्ण कार्य बहिष्कार पर रहेगें।
प्रस्तावित कार्य बहिष्कार के कारण किसी कर्मचारी, अभियंता का अनुचित उत्पीडन होगा तो उसी क्षण अनिश्चित कालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। प्रदर्शनकरने वालों में सूर्यदेव पांडेय, रविंद्र सिंह यादव, अरविंद यादव, भानू प्रताप, प्रदीप सिंह, राजकुमार यादव, देवेंद्र उपाध्याय, बीर बहाुदर, विकास दूबे, अरूण कुमार पांडेय आदि शामिल रहे।