जेल में बंद कैदी बब्बन की मौत के बाद दुबारी मोड़ पर लोगों के साथ सड़क जाम करते लोग सपा प्रत्याशी राजेन्द्र मिश्रा।
जिला कारागार में निरुद्ध बंदी बब्बन यादव (35) की मंगलवार की रात सदर अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। वह मधुबन थाना क्षेत्र के कौड़ीपुर गांव का निवासी था। दूध में मिलावट करने के आरोप में वारंट जारी होने के बाद पुलिस ने 27 जून को उसे गिरफ्तार किया था। उसकी मौत से नाराज परिवारवालों ने चौकी प्रभारी के निलंबन की मांग करते हुए बुधवार की शाम चार बजे मधुबन-दुबारी मार्ग पर जाम लगा दिया। शव पहुंचने बाद, तहसीलदार मधुबन के आश्वासन के आश्वासन पर शाम 8:30 बजे जाम समाप्त हुआ।
मृत बंदी बब्बन यादव पुत्र भग्गन मधुबन थाना क्षेत्र के कौडीपुर गांव का निवासी था। मधुबन थाना प्रभारी सुरेश मिश्र के अनुसार वर्ष 2001 में दूध में मिलावट करने के आरोप में उसका चालान हुुआ था। मामला सीजेएम कोर्ट में लंबित है। कोर्ट से उसके विरुद्ध वारंट जारी हुुआ था। चौकी प्रभारी दुबारी राकेश जायसवाल ने उसे 27 जून 2016 को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया था। जेल अधीक्षक मृत्युंजय कुमार पांडेय के अनुसार जेल में निरुद्ध होने के समय ही बब्बन की तबीयत खराब थी। 28 जून को उसकी हालत बिगड़ने पर उसे देर शाम सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उपचार के दौरान देर रात उसकी मौत हो गई। बब्बन की मौत होने की सूचना मिलते ही उसके परिवार में कोहराम मच गया। मृतक के पट्टीदार रमेश यादव ने आरोप लगाया कि चौकी प्रभारी की पिटाई से बब्बन की मौत हुई है। पोस्टमार्टम के बाद लाश मिलने के बाद गांव के लोगों ने मधुबन-दुबारी मार्ग पर जाम लगा दिया। ग्रामीणों की मांग थी कि चौकी प्रभारी को निलंबित किया जाए। परिवारीजनों को आर्थिक सहायता दी जाए।
जाम करने वालों में सपा प्रत्याशी राजेंद्र मिश्र, चंद्रमणि यादव, गया प्रसाद यादव किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष, विनोद मल्ल, परमानंद यादव, सुधीरकांत शुक्ल, मुन्ना यादव, शिवानंद सिंह, रमेश यादव सहित गांव के सैकड़ों लोग शामिल थे। समाचार लिखे जाने तक कोई अधिकारी मौके पर नही। थानाध्यक्ष मधुबन सुरेश मिश्र की मानें तो मृत बब्बन शराब का ज्यादा सेवन करता था। इसके चलते उसकी पत्नी ने उसे छोड़ दिया था। तहसीलदार मधुबन श्रीप्रकाश गुप्ता के आश्वासन के आश्वासन पर शाम 8:30 बजे जाम समाप्त हुआ।