आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत गर्भवती, धात्री महिलाओं और बच्चों को अप्रैल माह से पोषणयुक्त गर्म आहार उपलब्ध कराया जाएगा। नैफेड (भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ लिमिटेड) के कर्मचारी सभी केंद्रों पर आहार की आपूर्ति करेंगे।
इस व्यवस्था के तहत बिना ओटीपी सत्यापन के आहार वितरण नहीं किया जाएगा। इसे लेकर जिला स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। जिले के 2,587 आंगनबाड़ी केंद्रों पर वर्तमान में लगभग 2.15 लाख बच्चे, गर्भवती और धात्री महिलाएं पंजीकृत हैं।
बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग ने वितरण प्रक्रिया में बदलाव करते हुए अब ई-केवाईसी और फेस ऑथेंटिकेशन (चेहरा प्रमाणीकरण) अनिवार्य कर दिया है। इसके बिना लाभार्थियों को पुष्टाहार नहीं दिया जाएगा।
जिला कार्यक्रम अधिकारी अजीत कुमार सिंह ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत लाभार्थियों को सात श्रेणियों में पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जाएगा। छह माह से एक वर्ष तक और एक से तीन वर्ष तक के बच्चों को आटा-बेसन का मीठा हलवा दिया जाएगा।
तीन से छह वर्ष तक के बच्चों को आटा-बेसन की बर्फी और दलिया-मूंग सोया की खिचड़ी दी जाएगी। वहीं, गर्भवती और धात्री महिलाओं को आटा-बेसन सोया की बर्फी तथा दलिया-मूंग दाल की खिचड़ी उपलब्ध कराई जाएगी।