मऊ। प्री प्राइमरी शिक्षा के अंतर्गत 52 सप्ताह के गतिविधि कैलेंडर आधारित बेसिक शिक्षा विभाग तथा आईसीडीएस विभाग के संयुक्त तत्वावधान में प्रत्येक विकासखंड से आंगनबाड़ी की दो सुपरवाइजर और दो नोडल शिक्षक के तीन दिवसीय जनपदस्तरीय कार्यशाला का समापन डायट सभागार में संपन्न हो गया।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए डायट प्राचार्य डॉ. ओपी राय ने कहा कि पूर्व प्राथमिक शिक्षा बच्चों की बुनियादी शिक्षा के क्षेत्र में सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। यदि बच्चा यहां अपने आयु अनुसार दक्षताओं को प्राप्त कर लेता है तो आगे की कक्षाओं में बच्चा अपनी कक्षा अनुरूप दक्षताओं को आसानी से हासिल कर पाता है। अतः आवश्यक है कि आंगनबाड़ी केंद्रों में आने वाले शत प्रतिशत बच्चों को उनके आयु वर्ग के हिसाब से संसाधन उपलब्ध कराते हुए उन्हें खेल-खेल में शिक्षा दी जाए।
बीएसए संतोष कुमार उपाध्याय ने प्रतिभागी ब्लाॅक स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स को निर्देशित करते हुए कहा कि ब्लाॅक स्तर पर यह प्रशिक्षण गुणवत्तापूर्ण संचालित हो। जिससे विद्यालय परिसर में संचालित आंगनबाड़ी और बालवाटिका को इसका पूरा लाभ मिल सके।
प्रशिक्षण कार्यशाला में संदर्भदाता नोडल एसआरजी अरविंद पांडेय, नोडल डायट प्रवक्ता डाॅ. संदीप राय, नोडल शिक्षक प्रदीप कुमार वर्मा ने पीपीटी प्रेजेंटेशन के माध्यम से विभिन्न सत्रों में सामूहिक गतिविधियां संचालित की।