रमजान के चौथे शुक्रवार को अलविदा की नमाज विभिन्न मस्जिदों में अकीदत से अदा की गई। इस दौरान मस्जिदे नमाजियों से खचाखच भरी रहीं। उलेमा ने जुमा की नमाज से पहले रमजान के आखिरी अशरे पर रोशनी डाली। नमाज के बाद मुल्क की तरक्की और अमनचैन की दुआएं मांगी गईं। सुरक्षा व्यवस्था के तहत मस्जिदों के पास पुलिस की तैनाती की गई थी। जबकि अधिकारी भी चक्रमण कर स्थिति पर निगाह रखे थे। यातायात पुलिस के लोग भी लगे रहे। इस दौरान रूट डायवर्जन की जरूरत नहीं पड़ी।
नमाज के कुछ समय पहले ही लोग मस्जिदों में पहुंचना शुरू हो गए थे। कुछ बड़ी मस्जिदों के आसपास नमाजियों की संख्या अधिक हो जाने पर सड़क के किनारे भी लोगों ने नमाज पढ़ी। नमाज से पहले उलेमा ने तकरीर में रमजान के आखिरी अशरे ‘जहन्नम से आजादी’ पर तकरीर करते हुए कहा कि हर रोजेदार इस अशरे में खुदा से अपने गुनाहों की माफी मांगता है। अल्लाह गुनाहगारों को जहन्नम की आग निजात देता है। कहा कि इस अशरे में शबे कद्र की रातों की कद्र करनी चाहिए और मस्जिदों में रातभर जाग कर इबादत को तरजीह देनी चाहिए।
उधर जिले के कोपागंज, घोसी , मुहम्मदाबाद गोहना, अदरी ,चिरैयाकोट , दोहरीघाट , रामपुर बेलौली की सभी मसजिदों पर भी सुरक्षा के मद्देनजर जवानों को तैनात किया गया था। इन मसजिदों पर सुरक्षा व्यवस्था की मानीटरिंग अपर पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र कुमार श्रीवास्तव करते रहे। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस के डाग स्वक्वायड टीम को भी संवदेनशील स्थानों पर लगाया गया था।
इंदारा : क्षेत्र की अहले सुन्नत, जामा मस्जिद, नूरी मस्जिद, चश्मा फैज, दारूल सलाम, मदनी शहीद, फैज आदि, मस्जिदों में रोजेदारों की भारी भीड़ नमाज अदा करने के लिए उमड़ी रही। अदरी, इंदारा, शाहपुर, खालिसपुर की सभी मस्जिदों में हजारों की संख्या में पहुंचकर रोजेदारों ने जुमे की नमाज अदा किया।