मऊ। नववर्ष का पहला मंगलवार लोगों के लिए मंगलकारी साबित हुआ। जब स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना महामारी के खात्मे को लेकर जिले में कोरोना वैक्सीन का 300 स्वास्थ्यकर्मियों पर पूर्वाभ्यास किया गया। नगर में जिला अस्पताल, महिला अस्पताल के अलावा निजी अस्पताल फातिमा में छह टीमों ने 150 स्वास्थ्यकर्मियों पर टीकाभ्यास किया।
वहीं ग्रामीण क्षेत्रों के रानीपुर सीएचसी, फतेहपुर मंडाव सीएचसी तथा दोहरीघाट सीएचसी पर छह टीमों द्वारा 150 स्वास्थ्यकर्मियों पर टीका का पूर्वाभ्यास किया गया। सभी छह अस्पतालों में कोरोना टीकाकरण का पूर्वाभ्यास एक साथ सुबह दस बजे से शुरू किया गया। टीकाकरण की पूर्वाभ्यास को लेकर डीएम, एसपी, सीडीओ, सीएमओ सहित अन्य स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी केंद्रों का निरीक्षण करते रहे। वहीं टीकाकरण को लेकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों में काफी उत्सुकता तथा चर्चा होती रही।
मंगलवार की सुबह से कोरोना टीकाकरण के पूर्वाभ्यास की तैयारियों को लेकर स्वास्थ्य विभाग में ऊथल पुथल मची रही। ठीक घड़ी में दस बजे ही जिला अस्पताल के आईसोलेशन वार्ड, महिला जिला अस्पताल के तीसरे तल पीआईसीयू वार्ड, फातिमा अस्पताल, रानीपुर, फतेपुर मंडाव तथा दोहरीघाट सीएचसी पर बनाए गए 12 केंद्रों पर टीकाकरण का अभियान शुरू हो गया। जिला महिला अस्पताल में पहला टीका आयुष चिकित्सक डॉ. कमाल अहमद, जिला अस्पताल में चीफ फार्मासिस्ट दिग्विजय राय को लगाया गया।
वहीं रानीपुर में एसटीएस निर्भय सिंह तथा फतेहपुर मंडाव सीएचसी में पहला टीका एएनएम रत्नमाला राय को लगाया गया। सुबह दस बजे से शाम चार बजे तक चिह्नित किए गए 300 हेल्थवर्करों में सभी 300 हेल्थवर्करों को टीका लगाया गया। इससे पहले टीकाकरण के पूर्वाभ्यास को लेकर जिलाधिकारी अमित सिंह बंसल ने सीएमओ डॉ. सतीशचंद्र सिंह के साथ फातिमा अस्पताल के दोनों केंद्रों का जायजा लिया। इसके बाद वो जिला अस्पताल में पहुंचे। यहां टीकाकरण कर रही एएनएम सिंपा राय, बबिता राय, सरोज पांडेय ये टीकाकरण के बारे में जानकारी लेने के साथ टीकाकरण से लाभांवित हुए स्वास्थ्यकर्मियों से बातचीत की।
वहीं सीएमओ, जिला प्रतीरक्षण अधिकारी डॉ. वीके यादव, डिप्टी सीएमओ डॉ. वकील अली, सर्विलांस मेडिकल ऑफिसर डॉ. पदम जैन के साथ महिला अस्पताल पहुंचे। यहां उन्होंने टीकाकरण कर रही एएनएम माया यादव से जानकारी ली। वहीं रानीपुर सीएचसी में टीकाकरण का निरीक्षण करने के सीडीओ राम सिंह वर्मा तथा सीएमओ डॉ. सतीशचंद्र सिंह पहुंचे। जबकि मधुबन तहसीलदार राहुल कुमार गुप्ता द्वारा फतेहपुर मंडाव सीएचसी का निरीक्षण किया गया। टीकाकरण के दौरान यूनीसेफ डीएमसी सरोज राना, कामाख्या मौर्या, सीएमएस डॉ. बृजकुमार, डॉ. चंद्रा सिन्हा, शमशेर अली, प्रभारी राजीव पांडेय, डॉ. दिनेश कुमार, डॉ. फैजान आदि मौजूद रहे।
अंतिम समय में शामिल हुआ निजी अस्पताल
मऊ। कोरोना टीकाकरण को लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा पहले जिला अस्पताल, महिला अस्पताल तथा रानीपुर सीएचसी, फतेहपुर मंडाव तथा दोहरीघाट सीएचसी को चिह्नित किया गया था। जिसमें महिला अस्पताल में दो सत्र लगाकर 50 तथा अन्य जगहों पर एक-एक सत्र का आयोजन कर 25-25 स्वास्थ्यकर्मियों का टीकाकरण करना था। लेकिन पूर्वाभ्यास के 12 घंटे पहले शासन के निर्देश पर निजी अस्पताल फातिमा को शामिल करने के साथ ही स्वास्थ्यकर्मियों की संख्या दोगुना करने के साथ सत्र भी बढ़ाया गया। इसका खमियाजा भी जिला अस्पताल में देखने को मिला, जहां सोशल डिस्टेसिंग का पालन होता नहीं दिखा। लेकिन बाद में उसे आला अधिकारियों के पहुंचने से पूर्व ही अस्पताल प्रबंधन ने दुरस्त करा दिया।
वैक्सीन के लिए 11 जगह कोल्ड चेन
मऊ। कोरोना वैक्सीन के रखरखाव के लिए स्वास्थ्य विभाग तैयार है। अब कोरोना वैक्सीन का इंतजार है। इसके लिए जिले में 11 जगह कोल्ड चेन बनाई गई है। जिन जगह कोल्ड चेन बनाई गई है, उनमें सीएमओ कार्यालय तथा महिला अस्पताल के अलावा नौ सीएचसी में बनाए गए है।
हर केंद्र पर तैनात था एक नोडल अधिकारी
मऊ। टीकाकरण के लिए बनाए छह अस्पतालों के 12 केंद्रों पर मानीटरिंग के लिए प्रशासन द्वारा एक एक नोडल अधिकारी तथा सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक उपनिरीक्षक तथा दो आरक्षकों की तैनाती की गई थी। वहीं टीकाकरण के लिए 12 केंद्रों पर डमी टीकाकरण की जिम्मेदारी कृष्णा राय, सिंपा राय, माया, आशा, माया देवी, कंचन, आशा राय, मीरा देवी, बबली राय, कंचन भारती एएनएम को दी गई थी।