रतनपुरा ब्लाक अंतर्गत अरदौना स्थित उपकेंद्र से संबद्ध दर्जनों गांवों में विद्युत आपूर्ति चरमरा गई है। इससे नाराज किसान बुधवार को लामबंद हो गए और उपकेंद्र पर धरना देने लगे। इस दौरान किसानों ने प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी की और बैनर पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया।
किसानों ने कहा कि 18 घंटे बिजली देने का वादा करने वाली प्रदेश सरकार तीन घंटे भी बिजली नहीं दे पा रही है। इस दौरान मुख्यमंत्री को संबोधित पांच सूत्री ज्ञापन उपजिलाधिकारी सदर जगदंबा सिंह को सौंपा।
प्रदर्शन के दौरान पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष राकेश सिंह ने कहा कि खरीफ फसल का पीक आवर चल रहा है ऐसे में बिजली आपूर्ति व्यवस्था दयनीय होती जा रही है। कम बिजली मिलने से रोपाई नहीं हो पा रही है।
निजी संसाधनों से रोपा गया धान सिंचाई के अभाव में सूखने के कगार पर पहुंच गया है। विद्युत उपकेंद्र में कम क्षमता का ट्रांसफार्मर लगा होने के चलते ओवरलोड के चलते नाम मात्र बिजली मिल रही है।
कहा कि 18 घंटे के सापेक्ष मात्र तीन घंटे ही बिजली मिल पा रही है। कहा कि अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाए जाने के लिए अधिकारियों को कई बार ज्ञापन सौंपा गया लेकिन आश्वासन के सिवाय कुछ भी हासिल नहीं हो सका है।
विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त नहीं किया गया तो हम लोग आंदोलन तेज करने को बाध्य हो जाएंगे। कहा िक िकसानों के साथ सरकार का रवैया सही नहीं है। िकसान आए िदन परेशान रहते हैं लेकिन सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ता है। यही हाल रहा तो प्रदेश के किसान भूखों मर जाएंगे।
इसी क्रम में भाजपा नेता व ग्राम प्रधान रामाश्रय मौर्य ने कहा कि दशकों पूर्व गांवों में विद्युतीकरण कराया गया है। रखरखाव के अभाव में तार जर्जर हो चुके हैं। जो आए दिन टूटकर गिर जाते हैं और कई दिनों तक बिजली की आपूर्ति बाधित रहती है।
इससे खेती किसानी पर असर पड़ रहा है। कहा कि दो हार्स पावर का कनेक्शन लिए किसानों का बिल भी अधिक आ रहा है।
इसके बावजूद विद्युत उपकेंद्र में जर्जर विद्युत उपकरणों को बदला नहीं जा सका है। विद्युत उपकेंद्र में पांच एमवीए का अतिरिक्त ट्रांसफार्मर अविलंब नहीं लगाया गया तो हम लोग चुप नहीं बैठेंगे।
अंत में मुख्यमंत्री को संबोधित धरना स्थल पर आए उपजिलाधिकारी जगदंबा सिंह, अधिशासी अभियंता बीआर यादव को ज्ञापन सौंपा। धरने में भरतलाल यादव, चंदन सिंह, रामदुलार चौहान, जयराम यादव, रमेश चंद, उमाशंकर चौहान, रामप्यारे राम, तारकेश्वर सिंह, विक्रमादित्य सिंह, विजयशंकर सिंह, जनार्दन सिंह आदि शामिल थे।