माध्यमिक विद्यालयों में इंटरमीडिएट कक्षाओं में अध्ययनरत उत्साही व तेजतर्रार छात्राओं को पावर एंजल बनाया जाएगा। चयनित पावर एंजल बेटियों, बहनों की रक्षा कर महिलाओं की भी सुरक्षा करेंगी। विशेष पुलिस अधिकारी का दर्जा प्राप्त इन कालेजों से चयनित बेटियां किसी भी पीड़ित छात्रा या महिला को न केवल न्याय दिलाएंगी बल्कि उनका मनोबल भी बढ़ाने का काम करेंगी। वूमेन पावर हेल्प लाइन की एक खास पहल में कालेजों में शक्ति परियों के चयन प्रक्रिया की कवायद शुरू कर दी गई है। जिला विद्यालय निरीक्षक ने जिले के समस्त कालेजों के प्रधानाचार्यों को पत्र जारी किया है।
जिले में 492 माध्यमिक विद्यालय हैं। जिले में महिला उत्पीड़न की घटनाओं का ग्राफ बढ़ने से अभिभावक भी अपनी बेटियों की सुरक्षा को लेकर चिंतित रहते हैं। नारी उत्पीड़न की घटनाओं को कम करने के लिए अब शासन की ओर से नई पहल शुरू की गई है। अब छात्राओं के सिकसेंस का इस्तेमाल करते हुए उन्हें पावर ऐंजल (शक्ति परी) बनाकर मनचलों और महिला उत्पीड़न करने वाले लोगों को सबक सिखाने का प्लान तैयार किया गया है। चयनित छात्राओं को विशेष पुलिस अधिकारी का दर्जा प्राप्त होगा। इन कालेजों से चयनित बेटियां किसी भी पीड़ित छात्रा या महिला को न केवल न्याय दिलाएंगी बल्कि उनका मनोबल भी बढ़ाने का काम करेंगी।
महिला सशक्तीकरण की दशा में वूमेन पावर हेल्प लाइन ने अपनी अलग पहचान बनाई है। उसी कड़ी में जिले की महिलाओं और छात्राओं को और अधिक शक्ति प्रदान करने के उद्देश्य से कालेजों में इंटरमीडिएट कक्षाओं में अध्ययनरत उत्साही छात्राओं को शासन की ओर से शक्ति परी बनाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। डीआईओएस की संस्तुति पर चयनित पावर एंजल को दी गई शक्तियों में उन्हें विशेष पुलिस अधिकारी का परिचय पत्र दिया जाएगा।
सराहनीय योगदान देने वाली प्रत्येक शक्ति परी को पुरस्कृत किया जाएगा, इतना ही नहीं विशेष मामलों में राज्य स्तर पर भी पुरस्कृत किया जाएगा। शक्ति परियां महिलाओं और छात्राओं को 1090 की जानकारियां देंगी। अपने आसपास की महिलाओं के प्रति होने वाले गलत व्यवहार की 1090 को गोपनीय तरीके से जानकारी देंगी। साथ ही पीड़ितों व उसके परिवार को मनोबल बढ़ाने के साथ ही 1090 के प्रति उनका विश्वास कायम करेंगी।