क्षेत्र के खीरीकोठा स्थित प्राथमिक विद्यालय पर शुक्रवार को अभिभावकों ने एमडीएम को लेकर जमकर बवाल किया। अभिभावकों ने आरोप लगाया कि इस विद्यालय में बच्चों को मध्याह्न भोजन के नाम पर घटिया खाना परोसा जा रहा है। जिससे बच्चों की सेहत भी खराब हो सकती है। इस दौरान स्कूल के शिक्षकों ने भोजन की गुणवत्ता बढ़ाने का आश्वासन दिया तब जाकर मामला शांत हुआ।
सुल्तानपुर बारहगांवा में खीरीकोठा के दलित बस्ती से सटे प्राथमिक विद्यालय में 186 बच्चे पंजीकृत हैं। अभिभावकों को कई दिन से शिकायत मिल रही थी कि स्कूल में एमडीएम में घटिया खाना मिल रहा है।
आखिरकार शुक्रवार को अभिभावकों का धैर्य जवाब दे गया। शुक्रवार को 123 बच्चे उपस्थित थे। मीनू के अनुसार इस दिन एमडीएम में तहरी देना था। बच्चों को जैसे ही तहरी परोसी गई उनमें से कुछ बच्चे उसे घर लेकर चले गए।
तहरी देखकर अभिभावक भड़क उठे और तुरंत स्कूल पहुंचे और हंगामा करने लगे। इस दौरान अभिभावक राम प्रवेश, संतोष, बृजेश, लल्लन, झिल्लुर, राजकुमार, हरिंदर, राजेश, बेचू आदि का कहना था की आए दिन भोजन मानक के अनुरूप नहीं बनता है। कभी दाल में पानी की मात्रा ज्यादा रहती है तो कभी चावल घटिया किस्म का रहता है।
तहरी में दाल की मात्रा नहीं के बराबर थी तो तहरी में पड़ा आलू कच्चा था। हल्दी भी ठीक मात्रा में नहीं है। आए दिन खराब खाना दिए जाने से बच्चे बीमार रहते हैं। इस दौरान शिक्षकों और अभिभावकों में नोकझोंक भी होने लगी।
लेकिन कुछ शिक्षकों ने उन्हें समझाया और भोजन की गुणवत्ता बढ़ाने का आश्वासन दिया तब जाकर अभिभावक माने और मामला शांत हुआ। इस संबंध में विद्यालय के प्रधानाध्यापक मनमोहन पांडेय ने कहा मध्याह्न भोजन में खराबी की शिकायत लेकर कुछ अभिभावक आए थे उन्हें समझा दिया गया है।
इस बात की जांच भी कराई जाएगी और घटिया खाना मिला तो ग्राम प्रधान से कहकर भोजन की गुणवत्ता पर ध्यान दिया जाएगा।