घोसी तहसील बार की अधिवक्ता रीना राजभर से मारपीट और दुर्व्यवहार का आरोप लगाकर एसोसिएशन के अधिवक्ता मंगलवार को न्यायिक कार्य का बहिष्कार कर धरने पर बैठे रहे। तहसील परिसर में चक्रमण कर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रधानमंत्री को संबोधित तीन सूत्रीय मांगो का ज्ञापन उपाजिलाधिकारी अशोक कुमार सिंह को सौंपा। अधिवक्ता रीना यादव ने बताया कि घोसी कोतवाली क्षेत्र के सरहरा जमीन सरहरा गांव में सोमवार को विवादित जमीन पर निर्माण रोकवाने के लिए पुलिस पहुंची थी।
वो अपनी बहन के घर गई थीं पहुंचे पुलिसकर्मियों से कोर्ट से मिले स्टे ऑर्डर मांगा तो उपनिरीक्षक गाली गलौज करते हुए जबरदस्ती उनके साथ तीन महिलाओं को हिरासत में लेकर घोसी कोतवाली पहुंचे।
बिना महिला पुलिस के हिरासत में लेने की बात पर सवाल करने पर महिला थाने में ले जाकर हवालात में बंद कर दिया और वहां मारपीट की। लगातार सवाल पूछने पर उनके साथ तीन महिलाओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर दी।
बिना महिला पुलिस के महिला अधिवक्ता को हिरासत में लेना और मारपीट करने के नाराज घोसी तहसील बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी।
इस अवसर पर अध्यक्ष अनिल मिश्र, महामंत्री राजेश सोनकर, शहाबुद्दीन, कैलाशनाथ, जयहिंद सिंह, राजेंद्र यादव, जनार्दन यादव, पीसी राय, नदीम अख्तर, संतोष, राम बदन, सतीश पांडेय आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।
कोट -
जमीन के विवाद के दौरान पुलिस टीम निर्माण रोकवाने पहुंची थी। वहां महिलाएं पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता करने लगीं। उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। मौके पर विवाद बढ़ता देख कार्रवाई की गई थी। -जितेंद्र सिंह, सीओ, घोसी