मऊ। दोहरीघाट रोडवेज बस स्टेशन के पुनर्निर्माण की स्वीकृति मिली, पहली किश्त भी आवंटित हुई लेकिन 20 माह बाद भी काम शुरू नहीं हो पाया है। पुराने भवन ढहाने के लिए लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड द्वारा परीक्षण व मूल्यांकन के बाद रिपोर्ट में संतुष्टि नहीं जताई थी।
यही कारण है कि अभी तक पुराना भवन नहीं तोड़ा गया और निर्माण शुरू नहीं हुआ है। दोहरीघाट बस स्टेशन और डिपो कार्यशाला पुनर्निर्माण के लिए के लिए शासन से 14.76 करोड़, मधुबन के लिए 4.61 और घोसी के लिए 4.61 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए थे।
घोसी और मधुबन के लिए अगस्त 2024 में पहली किश्त के रूप में कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश आवास और विकास परिषद को 2.30 - 2.30 करोड़ रुपये अवमुक्त किया गया था। बारसात के बाद नवंबर 2024 में पुराने भवनों को ढहाने का काम शुरू हुआ।
घोसी में 50 फीसदी और मधुबन में 50 फीसदी काम पूरा हो चुका है। लेकिन धन आवंटित नहीं होने के कारण बीते मई माह से दोनों जगहों पर काम बंद है। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने लोकसभा चुनाव 2024 से पहले मार्च 2024 में तीनों जगहों पर भूमि पूजन किया था।
लेकिन तब तक केवल इसके लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा गया था। भूमि पूजन के बाद पहले लोकसभा चुनाव फिर बरसात और अब बजट आवंटन निर्माण में बाधा बना है।
एक सप्ताह के अंदर दूसरी बार परीक्षण करेगी टीम
दोहरीघाट बस स्टेशन और डिपो कार्यशाला के पुराने निर्माण को तोड़ने से पहले परीक्षण के लिए चार सदस्यीय टीम का गठन किया गया है। इसमें अधिशासी अभियंता, प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग मऊ, सहायक अभियंता (भवन) परिवहन निगम, गोरखपुर, एआरएम मऊ, परियोजना प्रबंधक कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज जल निगम आजमगढ़ शामिल हैं। उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद आजमगढ़ के अधिशासी अभियंता विकास वर्मा ने बताया कि एक सप्ताह के अंदर भवन का परीक्षण करके रिपोर्ट भेजना है, जिससे निर्माण शुरू हो सके। बताया कि दोहरीघाट के लिए पहली किश्त अवमुक्त हो चुकी है। भवन तोड़ने के बाद निर्माण शुरू होगा।
दोहरीघाट स्थित रोडवेज परिसर का भवन।संवाद