मऊ। जिले के विभिन्न तालों में प्रवास कर रहे साइबेरियन पक्षियों की सुरक्षा के मामले में पुलिस अधीक्षक की पहल पर वन विभाग के अधिकारियों की नींद टूटी है। आनन-फानन में चार टीमें गठित की गई हैं लेकिन अभी तक वन विभाग की टीम कागजी खानापूर्ति करती दिख रही है। वहीं, पुलिस विभाग की टीम ने छह प्रवासी पक्षियों को बरामद कर वन विभाग को सौंपा है। दो शिकारियों को गिरफ्तार भी किया गया है। अमर उजाला ने 19 नवंबर के अंक में तालों में गरजने लगीं बंदूकें, मेहमान पक्षियों को निशाना बना रहे शिकारी शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी।
ठंड शुरू होते ही जिले के फतहपुर ताल रतोय, फतहपुर ताल नरजा, पकड़ी ताल, गाढ़ा ताल में मेहमान पक्षी अक्तूबर माह के आखिरी सप्ताह से आने लगते हैं और फरवरी तक रहते हैं। नवंबर बीतने को है। प्रवासी पक्षियों की सुरक्षा के प्रति वन विभाग अलर्ट मूड में नजर नहीं आ रहा है। प्रवासी पक्षियों के शिकार को लेकर अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद पुलिस अधीक्षक की पहल पर वन विभाग ने चार टीम गठित तो कर दी लेकिन टीम में शामिल अधिकारी, कर्मचारी को कुछ खास सफलता नहीं मिली। प्रत्येक टीम में दो वन दारोगा, तीन वनरक्षक को शामिल किया गया है। वहीं, पुलिस विभाग ने तीन टीम गठित की है।
पुलिस विभाग की टीम तालों तथा संदिग्ध शिकारियों के यहां छापेमारी कर रही है। पुलिस विभाग की टीम ने दो दिन में छह प्रवासी पक्षियों को बरामद कर वन विभाग को सौंप दिया है। दो शिकारियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े हुए शिकारियों की पहचान खीरीकोठा निवासी बेचन राजभर पुत्र स्व. अंधू, सोनू साहनी पुत्र श्रीकांत साहनी के रूप में हुई। घायल प्रवासी पक्षियों का उपचार कराकर वन विभाग को सौंप दिया गया।
दीपावली के बाद मऊ जिले का कार्यभार मिला है। प्रवासी पक्षियों के मामले में पुलिस अधीक्षक मऊ से बात हुई थी। चार टीमें गठित कर दी गई हैं। टीमें पुलिस विभाग से समन्वय बनाकर जांच पड़ताल कर रही हैं। पुलिस विभाग से सौंपे गए प्रवासी पक्षियों को सुरक्षित स्थानों पर छोड़ा गया है। संबंधित शिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया गया है। - गंगादत्त मिश्र, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी आजमगढ़
अमर उजाला की खबर काे संज्ञान में लेकर पुलिस विभाग की तरफ से गठित तीन टीमें लगातार छापेमारी कर शिकारियों की धर पकड़ कर रही है। पुलिस टीम ने बरामद छह घायल प्रवासी पक्षियों का उपचार कराकर वन विभाग को सौंप दिया है। - अविनाश पांडेय, पुलिस अधीक्षक मऊ