मऊ। यूपी पुलिस मुख्यालय ने मऊ और दोहरीघाट डिपो को निशुल्क किराए की 67.08 लाख रुपये धनराशि का भुगतान करने से मना कर दिया है। सात दिन पहले ही सभी दस्तावेज वापस कर अलग फार्मेट में पुलिस भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थियों की डिटेल मांगी गई है, इसके बाद ही धनराशि का भुगतान पर विचार होगा। दोनों डिपो के अधिकारी और कर्मचारी नया फार्मेट तैयार करने में जुटे हुए हैं। परिवहन निगम की ओर से अगस्त 2024 में हुई पुलिस भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थियों को निशुल्क यात्रा की सुविधा दी गई थी। सुविधा का लाभ लेने के लिए अभ्यर्थियों को बस यात्रा के लिए केवल परीक्षा के लिए जारी प्रवेशपत्र की कॉपी रोडवेज बस के परिचालक के पास जमा करनी थी। परीक्षा पांच दिन (23, 24, 25, 30 और 31 अगस्त) चली थी। मऊ डिपो की बसों से 37 हजार और दोहरीघाट डिपो की बसों से 17 हजार अभ्यर्थियों ने निशुल्क यात्रा की थी। परिचालकों ने 67.08 लाख रुपये के टिकट काटे थे। इसमें मऊ डिपो का 41.16 लाख रुपये और दोहरीघाट डिपो का 25.92 लाख रुपये के टिकट काटे गए थे। उस समय मऊ डिपो की 63 और दोहरीघाट की 52 रोडवेज बसें अभ्यर्थियों के लिए लगाई गई थीं। परीक्षा के तत्काल बाद ही सभी प्रवेश पत्र पुलिस मुख्यालय लखनऊ भेजे गए थे। लेकिन चार माह बाद सभी प्रवेशपत्र लौटा दिए गए हैं। अब अभ्यर्थी का नाम, पता, रोल नंबर, कहां से कहां तक अभ्यर्थी ने सफर किया इन सभी जानकारियों के साथ नए फार्मेट तैयार कर पुलिस मुख्यालय को भेजना है।
कोट -
अगस्त 2024 में हुई पुलिस भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थियों के लिए रोडवेज बसों से निशुल्क यात्रा की व्यवस्था की गई थी। टिकटों की संख्या, प्रवेश पत्र और कुल धनराशि की जानकारी पुलिस मुख्यालय भेजी गई थी। लेकिन अब दूसरे फार्मेट में जानकारी मांगी गई है।
- हरिशंकर पांडेय, एआरएम, मऊ