कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के नेतृत्व में 12 अक्तूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर ''वोट चोरी'' के मुद्दे और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर राष्ट्रव्यापी स्तर आंदोलन का कार्यक्रम प्रस्तावित है। इसी प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दो कांग्रेस पदाधिकारी जिला सचिव आफ़ताब सिद्दीकी, सोशल मीडिया जिलाध्यक्ष फ़हद क़ादिर दिल्ली जाने के लिए नगर के सदर चौक पर पहुंचे थे। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लिया।
हिरासत में लिए जाने के बाद सोशल मीडिया जिलाध्यक्ष फ़हद क़ादिर ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने और शांतिपूर्ण आंदोलन में शामिल होने के लिए दिल्ली जाना हमारा अधिकार है। आंदोलन में शामिल होने से पहले पुलिस द्वारा हिरासत में लिया जाना लोकतांत्रिक अधिकारों पर सवाल खड़ा करता है। हम जनता के मताधिकार और लोकतंत्र की रक्षा के मुद्दे को लगातार उठाते रहेंगे वहीं, जिला सचिव आफ़ताब सिद्दीकी ने कहा, “हम लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए अपनी आवाज़ उठाने दिल्ली जा रहे थे। हमें हिरासत में लेकर आंदोलन में शामिल होने से रोकने का प्रयास किया गया है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में असहमति और शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार का पूरा सम्मान किया जाना चाहिए।