जनपद पुलिस ने स्वाट एवं सर्विलांस की मदद से लूट एवं हत्या में शामिल एक आरोपी समेत बदमाशों को शरण देने वाले तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में कुख्यात आरोपी सुजीत सिंह बुढ़वा का भाई सुधीर सिंह भी शामिल है। सुधीर सिंह प्रभुनाथ चौबे की हत्या सहित एक सराफा लूटकांड का भी आरोपी है।
अन्य तीन आरोपी इनामी बदमाश धर्मेंद्र सिंह, लालू आदि के शरण देने का कार्य करते थे और उन्हें सिम आदि उपलब्ध कराकर सूचनाएं आदान प्रदान करते थे। शनिवार को पुलिस अधीक्षक ने इसका खुलासा किया।
पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार सिंह के अनुसार सरायलखंसी पुलिस ने पिपरीडीह वनदेवी रोड से एक संदिग्ध को मुखबिर की सूचना पर गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने अपना नाम सुधीर सिंह निवासी अल्देमऊ बताया।
सुधीर सिंह जेल में निरुद्ध कुख्यात बदमाश सुजीत सिंह उर्फ बुढ़वा का भाई है। उसका भाई भी उसके अपराध में मदद करता है और जेल भी जा चुका है। जेल से बाहर रहकर वह अपने भाई सहित लालू यादव के कहने पर आपराधिक घटनाओं को अंजाम देता है।
गत 14 जुलाई को उसने धर्मेंद्र सिंह, जयहिंद यादव, अमित यादव, सुरेंद्र एवं राकेश यादव के साथ मिलकर चिरैयाकोट में विनय चौबे की हत्या की। इसी ने तीन जुलाई को जेल रोड सरायलखंसी के निकट सराफा व्यवसायी रामजी वर्मा निवासी सहादतपुरा को भी लूटा था।
उधर चिरैयाकोट पुलिस ने इसी गैंग के धर्मेंद्र सिंह आदि को शरण एवं सुविधाएं देने के मामले में मुकेश यादव निवासी कटघर कयाम, मनोज निवासी अवस्थी चक कटघर संजर, उमेश पाल निवासी तेजुआर संजर कटघर को गिरफ्तार किया। तीनों के पास से लगभग दो किलो गांजा बरामद किया गया। पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों को संबंधित धाराओं में चालान कर दिया।