मधुबन। स्थानीय तहसील क्षेत्र के कटघरा शंकर स्थित रौजा पर हजरत नूर मोहम्मद परहेजी शाह बाबा के 160वां उर्स अकीदत के साथ मनाया गया। इस अवसर पर दूर-दराज सहित विभिन्न इलाकों के जायरीन ने मजार पर मत्था टेककर मन्नत मांगी।
उर्स के दौरान “डागर चादर” भी उठाई गई, जिसमें लोगों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। कार्यक्रम में देश में अमन, शांति और भाईचारे के लिए विशेष दुआएं की गईं। गद्दी नसीन नौशाद अहमद ने बताया कि हजरत नूर मोहम्मद परहेजी साह बाबा की मजार हिंदू-मुस्लिम एकता का प्रतीक है। यहां हर धर्म और जाति के लोग अपनी आस्था के साथ आते हैं और अपनी मुरादें मांगते हैं।
उन्होंने इस दरगाह को आपसी सौहार्द और भाईचारे का केंद्र बताया। उर्स के अवसर पर एक कव्वाली कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। इसमें मशहूर कव्वालों ने सूफियाना कलाम पेश किए, जिसका जायरीनों ने लुत्फ उठाया।