गोंड जाति का प्रमाणपत्र जारी करने की मांग लिए मुहम्मदाबाद गोहना तहसील के बाहर लगातार तीसरे दिन शुक्रवार को भी धरना जारी रहा। तहसील परिसर में बैठने की अनुमति नहीं मिलने पर 100 से अधिक छात्र छात्राएं, महिलाएं और पुरुष मऊ-आजमगढ़ मार्ग के किनारे धरने पर बैठे हैं।
उनकी सुरक्षा को देखते हुए पुलिस ने आधी सड़क पर बैरिकेडिंग कराई है, जिससे भारी वाहन किनारे से निकल जाएं और उन्हें किसी तरह का नुकसान न हो। नाजुक स्थिति को देखते हुए सुबह से रात तक पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।
महिलाओं और छात्राओं का आरोप है कि तहसील परिसर में पर्याप्त जगह होने के बावजूद वहां बैठने की अनुमति नहीं दी गई। गोंड समाज को अनुसूचित जनजाति का दर्जा प्राप्त होने के बावजूद स्थानीय स्तर पर जाति प्रमाण पत्र नहीं बनाए जा रहे हैं।
इसके लिए कई बार तहसील प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से गुहार लगाई गई, लेकिन अब तक उनकी समस्या पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे समाज के लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उन्हें जाति प्रमाणपत्र नहीं मिल जाता, तब तक वे किसी भी हाल में धरना समाप्त नहीं करेंगे। धरने में शामिल गोंड समाज के लोगों ने प्रशासन से शीघ्र समस्या का समाधान करने की मांग की है।
उनका कहना है कि यदि जल्द ही जाति प्रमाण पत्र जारी नहीं किए गए तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।