शीतलहर और कोहरे का प्रकोप बुधवार को जारी रहने से लोगों की परेशानी बढ़ती ही जा रही है। सर्द हवाओं तेज हो गई है। गलन बढ़ने से जनजीवन बेहाल है। सर्द हवा के झोकों से उंगलिया फूट जा रही है। शाम होते ही सड़कों पर सन्नाटा फैल जा रहा है। सुबह, शाम ट्यूशन जाने वाले छात्र छात्राओं को आने जाने में दुश्वारियां झेलनी पड़ रही है।
अब तक ठंड से तीन लोगों की मौत भी हो चुकी है। बावजूद जिला प्रशासन की तंद्रा अभी तक नहीं टूटी है। बेतहाशा ठंड का सिलसिला जारी रहने से पारा लुढ़कने का क्रम बरकरार है। बुधवार को कोहरे का प्रकोप जारी रहने से लोगों के देर से निकलने के चलते बाजारों में अपेक्षाकृत कम गहमागहमी रही।
घने कोहरे के चलते ट्यूशन पढ़ने वाले छात्र छात्राआें तथा अपने काम पर जाने वाले लोगों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ा। तेज सर्द हवा के चलते लोग कांपते देखे गए। रेलवे स्टेशन और रोडवेज पर ट्रेन तथा बस की प्रतीक्षा करने वाले यात्रियों को एक-एक पल बिताना मुश्किल हो रहा है। सुबह व शाम के समय रिक्शा, ठेला, खोमचा चलाने वाले तथा फुटपाथ पर जिंदगी गुजारने वालों की स्थिति बद से बदतर हो जा रही है। पशु पक्षी भी ठंड से परेशान नजर आए। फुटपाथ पर दुकान लगाने वाले कुछ घंटे बाद ही दुकान बंद करने के लिए मजबूर हो जा रहे हैं। देर रात तक चहल पहल रहने वाले बाजारों में शाम सात बजे तक सन्नाटा पसर जा रहा है।
इसके बाद भी सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलवाने के मामले में खानापूर्ति की जा रही है गर्म कपड़ों तथा हीटर, गीजर, ब्लोवर आदि इलेट्रिक उपकरणों की खरीदारी के लिए की मांग बढ़ गई है। उधर, खेतों में काम करने वाले किसानों की मुश्किलें कम होने का नाम ही नहीं ले रही है। दिन रात के शेड्यूल लागू होने से किसानों को जान जोखिम में डालकर रात में फसलों की सिंचाई करनी पड़ रही है। एक बीघे की सिंचाई करने में कई दिन लग जा रहा है। लोग दिन में ही पर्याप्त बिजली आपूर्ति किए जाने की मांग कर रहे हैं बावजूद अधिकारी शासन का फरमान बताकर मामले से पल्ला झाड़ ले रहे हैं।