मऊ। जिले में बंदरों की समस्या नासूर बनती जा रही है, सबसे ज्यादा परेशानी नगर के निजामुद्दीनपुरा मुहल्ले में देखने को मिल रही है। जहां बंदरों के हमले बढ़ते जा रह हैं। गत दिनों बंदरों के एक झुंड ने छत पर मुहल्ले के एक युवक पर उस समय हमला किया, जब वह किसी काम से छत पर गया था। इस संबंध में वन विभाग के साथ नगर पालिका से शिकायत करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
बताते चले कि नगर के सहादतपुरा, निजामुद्दीनपुरा, भीटी, मुसरदह मोड़ सहित कई जगहों पर बंदरों का झुंड होने रहवासियों के मुसीबत बने हुए हैं। निजामुद्दीनपुरा मुहल्लेवासियों सितंबर माह में मंकी कैचर बुलाया था। जहां चार पांच दिन में इन मंकी कैचरों ने कई बंदरों को पकड़कर उन्हें दूर दराज क्षेत्र में ले जाकर छोड़ दिया था। लेकिन कुछ बंदर बच गए थे जो लोगों को परेशान कर रहे हैं। मुहल्ला निवासी अतुल जायसवाल ने बताया कि उनके घर किराए पर रह रहा एक लड़का चार फरवरी को छत पर गया था तभी बंदरों के झूंड नेउस पर हमला कर दिया, बताया कि इस हमले में वह छत से नीचे आ गिरा, इसके बाद भी बंदर हमला करने से पीछे नहीं हट रहे थे। वहीं दिलीप पांडेय, डॉ. शैलजाकांत पांडेय, राजू सिंह,संजय पांडेय आदि का कहना है कि मुहल्ले में बीते कई दिनों से बंदरों का उत्पात बढ़ गया है।
बंदरों को पकड़ने का काम नगर पालिका, पंचायतें, ग्राम पंचायतों को कराना है। संबंधित विभाग की तरफ से मांग करने पर तकनीकी मदद की जाएगी।
पीके पांडेय
प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी
बंदरों के उत्पात से निजात दिलाने का प्रयास जारी है। वन विभाग से बातचीत चल रही है। तकनीक सहयोग लेकर बंदरों के पकड़ने का अभियान चलाया जाएगा।
दिनेश कुमार
अधिशासी अधिकारी
नगरपालिका